Hanuman Chalisa

प्रेम और कला की अज्ञात सृष्‍ट‍ि अपने अव्‍यक्‍त और अकथ में रहती है

नवीन रांगियाल
कुछ प्रेम दुनिया में नहीं आता, वो वहीं सबसे पवित्र है एक तरफ, अपने अकथ में।

एक संगीतकार अपनी मृत्यु के साथ बहुत सारी धुनें और गीत अपने साथ ले जाता है। वो सारे गीत जो हम कभी नहीं सुन सकेंगे। जो दुनिया में कहीं भी और कभी भी नहीं गाए जाएंगे।

क्या इसी तरह बहुत सारे उदास प्रोज और सुंदर कविताएं दुनिया में आने से रह जाती हैं। यहां आने से बच जाती हैं। लेखक के मरने पर, कवियों की मौत के बाद!

आदमी की मृत्यु टल जाने से क्या संसार में और भी अनजान कलाएं घट सकती थीं।

या ऐसे गीत और कविताएं लिखी जा सकती थी जिन्हें हम कभी सुन और पढ़ नहीं पाएंगे।

क्या कलाएं अपने होने या रचे जाने का समय चुनती हैं, जैसे मृत्यु के घटने का समय तय है।

मैं उस अज्ञात दुनिया में दिलचस्पी रखता हूं, जहां लिखे जाने से पहले कविता किसी लेखक की आत्मा में गूंजती रहती है।

जहां किसी मन में कोई अनगढ़ गद्य बनता- बिखरता और धीमे- धीमे सरकता रहता है अंदर ही अंदर। फिर किसी दिन वो लिखे जाने से पहले ही ख़त्म हो जाता है। आत्मा के गलीचे में घुल कर कहीं गुम हो जाता है।

गीत की वो धुनें और तराने जो सिर्फ मन में ही आकार लेते हैं। और फिर कभी बाहर नहीं आ पाते हैं। वे वहीं रह जाती हैं। फिर हम उन्हें किसी पुरानी चोट या घाव की तरह धुंधला- धुंधला याद करते रहते हैं।

जैसे अब तक न पढ़ी गई किसी किताब का रोमांच। किसी अनजान शहर से मुलाकात के पहले का रहस्य।

किसी स्टेशन के आउटर पर खड़ी ट्रेन की उबासी और नींद में डूबी हुई आंखों की प्रतीक्षा।

जैसे अनटोल्ड लव। अकथ प्रेम। प्यार के उस तरफ वाला किनारा। जहां अक्सर लोग नहीं पहुंच पाते हैं।

प्रेम के अज्ञात किनारे जिसकी प्रतीक्षा में दुनिया के ज़्यादातर प्रेमी इसी तरफ खड़े रह जाते हैं।

ये शायद ईश्वर की अज्ञात सृष्टि है। जिसका दुनिया में कोई अस्तित्व नहीं, वो सिर्फ भीतर ही बनती और नष्ट होती है। जिसके होने का कोई सुबूत नहीं है। लेकिन जिसका नहीं होना भी सच नहीं है।

यह अज्ञात सृष्टि है। ना लिखी गई कविता, गीत और गद्य की तरह।

किसी ना गाए गए गीत और न रचे गए संगीत की तरह। अपने नहीं होने में उनका ख़्याल है।

कभी न कहे गए इकतरफा प्रेम की तरह।

नहीं जान पाने/ या नहीं जानने के रहस्य की ब्यूटी। अज्ञात की अनमनी सुंदरता।

अक्सर बहुत सुंदर ख़्याल दुनिया में आने से डरते हैं। इसलिए कुछ कविताएं, गीत और गद्य दुनिया में नहीं आते। कुछ कलाएं और पंक्तियां वहीं रह जाती हैं भीतर। और मरने पर वो अनगढ़ पंक्तियां आदमी के साथ चली जाती हैं।

कुछ प्रेम दुनिया में नहीं आता, वो वहीं सबसे पवित्र है, एक तरफ, अपने अकथ में।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?

बच्चे की मौत से न टूटे किसी मां-बाप का सपना, यह यूपी सरकार का संकल्प

Savarkar Jayanti 2026: वीर सावरकर जयंती: काला पानी की यातनाएं झेलने वाले वीर क्रांतिकारी की गाथा

Story for Kids: बच्चों के लिए कल्पनाशील कहानी: आइसक्रीम वाला पहाड़ और पिघलती खुशियां

आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?

अगला लेख