Publish Date: Sun, 04 Nov 2018 (15:15 IST)
Updated Date: Sun, 04 Nov 2018 (15:24 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में कम्प्यूटर बाबा ने चुनाव के समय सरकार के सामने जिस तरह से मोर्चा खोल दिया है, उससे भाजपा अब पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। कम्प्यूटर बाबा जिस तरह से पूरे प्रदेश में अलग-अलग जिलों में संतों के सम्मेलन कर सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साध रहे हैं, उससे हो रहे डैमेज को कंट्रोल करने के लिए भाजपा अब चुनावी मैदान में किसी संत को उतारने का विचार कर रही है।
भाजपा किसी संत को चुनावी मैदान में उतारकर ये मैसेज देना चाह रही कि वो संतों की विरोधी नहीं है। ऐसे में पार्टी में टिकट की दावेदारी कर रहे संतों की उम्मीद बढ़ गई है।
सूत्र बताते हैं कि अगर पार्टी किसी संत पर सबसे अधिक गंभीरता से टिकट देने पर मंथन कर रही है तो वे उज्जैन दक्षिण से टिकट के दावेदार अवधेशपुरी महाराज हैं। पार्टी ने अपनी पहली सूची में उज्जैन दक्षिण से टिकट नहीं घोषित किया है। वर्तमान में ये सीट भाजपा के पास ही है। पार्टी ने पहली सूची में 176 उम्मीदवारों के नाम तो घोषित किए लेकिन उज्जैन दक्षिण से उम्मीदवार नहीं घोषित किया।
'वेबदुनिया' ने पहले भी बताया था कि उज्जैन दक्षिण से अवधेश पुरी महाराज ने चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर दी है। 'वेबदुनिया' ने जब अवधेशपुरी महाराज से टिकट के बारे में बात की तो उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनको इस बार जरूर मौका देगी।
'वेबदुनिया' से अवधेशपुरी महाराज कहते हैं कि उनके क्षेत्र के लोगों की इच्छा भी है कि वे चुनाव लड़ें। अपनी टिकट की दावेदारी के पीछे वो पिछले 20 सालों में भाजपा के लिए किए गए कामों को सबसे मजबूत आधार मानते हैं, इसके साथ ही डॉक्टरेट की उपाधि रखने वाले अवधेशपुरी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए राजनीति में आना चाहते हैं।
अवधेश पुरी सिंहस्थ में अपने किए गए कामों के आधार और अपनी साफ-सुथरी छवि के आधार पर ये तय मान रहे हैं कि उनको ही टिकट मिलेगा।