Publish Date: Wed, 23 Feb 2022 (12:55 IST)
Updated Date: Wed, 23 Feb 2022 (13:01 IST)
इंफाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह का मानना है कि मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ऊब चुके हैं और अब वे बदलाव चाहते हैं। सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विभाजनकारी राजनीति 5 में से किसी भी राज्य में सफल नहीं होगी, जहां चुनाव हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वे खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमें 5 राज्यों में होने वाले चुनाव और 2024 के आम चुनाव का नतीजा पता चल जाएगा। लोग उनसे ऊब चुके हैं।
केंद्र सरकार और नगा विद्रोही गुट एनएससीएन (आईएम) के बीच 2015 में हुए समझौते का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि इससे कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लोगों को अंधेरे में रखा जा रहा है जिससे भरोसा कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि समझौता हुए इतना समय बीत गया लेकिन किसी को यह नहीं पता कि उसमें क्या है। उन्होंने न तो इसे जनता से साझा किया और न ही बातचीत पूरी की… मेरा मानना है कि नगा लोगों का विश्वास भी भाजपा से उठ चुका है और उन्हें लगने लगा है कि भाजपा में इस मुद्दे को सुलझाने की क्षमता नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में जीत कर सत्ता में वापस आने के प्रति कांग्रेस कितनी आश्वस्त है, तो सिंह ने कहा कि हमने जितने भी उम्मीदवार उतारे हैं (53), हम उनमें से प्रत्येक की क्षमता से परिचित हैं और उनमें से 40-45 के जीतने के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने हालांकि, कहा कि अगर बहुमत नहीं मिलता है तो चुनाव नतीजे आने के बाद समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करेंगे।
कांग्रेस ने पहले ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और जनता दल (एस) के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों के लिए 28 फरवरी और 8 मार्च के बीच 2 चरणों में मतदान होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी।
भाजपा के करीब 40 सीटों पर जीत दर्ज करने के दापे को खारिज करते हुए सिंह ने कहा कि जब नतीजे आएंगे तो पता चला चलेगा कि अकेले 40 सीटें जीतती है या नहीं लेकिन जहां तक हमारा मानना है, 40 सीटें इंफाल घाटी में हैं जिनमें से वे 15 सीटें भी नहीं जीत पाएंगे। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि छोटा राज्य होने की वजह से मुकाबला हो सकता।