Hanuman Chalisa

उज्जैन के मंगलनाथ और अमलनेर के मंगल ग्रह मंदिर में क्या है अंतर

Webdunia
शुक्रवार, 16 जून 2023 (19:17 IST)
Mangal Grah Mandir Amalner And ujjain : धरती माता के पुत्र मंगल देव का जन्म कहां हुआ था? मध्यप्रदेश के उज्जैन में मंगलनाथ नामक स्थान पर या कि महाराष्ट्र के जलगांव के पास स्थित अमलनेर में, जहां श्री मंगल देव का प्राचीन और पवित्र स्थान है। इस संबंध में किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं है परंतु दोनों स्थान में क्या अंतर है यह जरूर जानना चाहिए।
 
अमलनेर के मंगल ग्रह के मंदिर में स्थित मंगल देव की मूर्ति उन्हीं के पौराणिक रूप में विद्यमान हैं। यह देश दुनिया की एकमात्र ऐसी मूर्ति है जो मंगलदेव के स्वरूप में हैं। यहां पर 'भूमाता' और 'पंचमुखी हनुमान' मंदिर भी है। विश्व का पहला भूमाता मंदिर यहीं पर स्थित होना माना जाता है, जबकि उज्जैन स्थित मंगलनाथ नामक स्थान पर मंगल देव की पूजा पूजा शिवलिंग और महादेव के रूप में की जाती है।
 
उज्जैन में आसमान से ही कर्क रेखा निकलती है। कर्क में मंगल नीच का होता है इसीलिए भी इस स्थान पर मंगल दोष का निवारण होता है। पुराणों में उज्जैन को मंगल ग्रह की उत्पत्ति का या जन्म का स्थान माना गया है जबकि अमलनेर को मंगल ग्रह का सिद्ध स्थान माना जाता है।
 
उल्लेखनीय है कि दोनों ही स्थान पर मंगल दोष निवारण की पूजा होती है। एक ओर जहां मंगलनाथ पर भात पूजा का खास महत्व है वहीं मंगल ग्रह मंदिर अमलनेर में पूजा के साथ ही विशेष अभिषेक और भोमयाज्ञ पूजा का खास महत्व माना गया है। अमलनेर में प्रति मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से आकर मंगल दोष की शांति का उपाय कराते हैं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (9 अप्रैल, 2026)

09 April Birthday: आपको 9 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 9 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Satuvai Amavasya 2026: सतुवाई अमावस्या 2026 कब है, जानें मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

सूर्य मेष संक्रांति 2026: इस दिन क्या करें और किन कामों से बचें?

अगला लेख