Biodata Maker

मकर संक्रांति पतंगबाजी सुरक्षा निर्देशिका: 6 महत्वपूर्ण सावधानियां

WD Feature Desk
मंगलवार, 13 जनवरी 2026 (17:08 IST)
मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। मकर संक्रांति खुशियों और उमंग का त्योहार है। जहाँ एक ओर हम पतंगबाजी का आनंद लेते हैं, वहीं दूसरी ओर असावधानी के कारण होने वाली दुर्घटनाएं, बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा और पक्षियों की सुरक्षा हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। एक सुरक्षित संक्रांति के लिए निम्नलिखित बातों का पालन अवश्य करें।
 
1. पतंग और मांझे का सही चुनाव
स्वदेशी अपनाएं: पतंग उड़ाने के लिए केवल स्वदेशी सूत के मांझे का प्रयोग करें। यह तुलनात्मक रूप से कम खतरनाक होता है।
चाइना डोर का पूर्ण बहिष्कार: चाइना डोर का प्रयोग कतई न करें। यह धागा नहीं बल्कि जानलेवा हथियार है, जो इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए घातक है।
हानिकारक लेप से बचें: मांझा तैयार करते समय बल्ब का चूरा (कांच), सरस या नीला थोथा जैसे रसायनों का उपयोग न करें।
 
2. स्थान और ऊंचाई का चुनाव
मुंडेर की सुरक्षा: यदि छत पर पतंग उड़ा रहे हैं, तो मुंडेर (boundary wall) से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
खुला मैदान सबसे बेहतर: भीड़भाड़ वाली गलियों या संकरी छतों के बजाय किसी खुले मैदान में जाकर पतंगबाजी का आनंद लेना सबसे सुरक्षित है।
सड़क से दूरी: कभी भी सड़क पर खड़े होकर मांझा तैयार न करें और न ही पतंग लूटने के लिए सड़क पर दौड़ें। यह गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
ALSO READ: मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव मनाए जाने की क्या है कथा?
3. पक्षियों और बेजुबानों की सुरक्षा
आसमान पर नजर: पतंग उड़ाते समय ध्यान रखें कि धागा किसी पक्षी से न टकराए। संक्रांति पर मांझे से कटकर पक्षियों के मरने की संख्या काफी बढ़ जाती है।
अटकी पतंग को न खींचें: यदि पतंग कहीं फंस जाए, तो उसे जोर से न खींचें। इससे धागा टूटकर किसी पक्षी या व्यक्ति को घायल कर सकता है।
 
4. शारीरिक सुरक्षा और सावधानी
आंखों और त्वचा का बचाव: धूप की सीधी किरणों से बचने के लिए अच्छी क्वालिटी के सनस्क्रीन का प्रयोग करें और गॉगल (चश्मा) जरूर पहनें।
हाथों की सुरक्षा: मांझे से कटने से बचने के लिए हाथों में दस्ताने पहनें। यदि उंगली कट जाए, तो तुरंत प्राथमिक उपचार (हल्दी लेप) करें या डॉक्टर से संपर्क करें।
चक्कर और डिहाइड्रेशन: तेज धूप में लंबे समय तक पतंग न उड़ाएं, इससे चक्कर आने या लू लगने जैसी समस्या हो सकती है।
ALSO READ: मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार
5. बच्चों की विशेष देखभाल
निगरानी है जरूरी: छोटे बच्चों को मांझे से दूर रखें और उन्हें कभी भी छत पर अकेला न छोड़ें। एकाग्रता पतंग पर होने के कारण बच्चे अक्सर छत से गिर जाते हैं।
अपशिष्ट प्रबंधन: फटी हुई पतंग या उसकी नुकीली डंडियों को इधर-उधर न फेंकें, इनसे आंखों में चोट लग सकती है। इन्हें तुरंत डस्टबीन में डालें।
 
6. तालमेल और जागरूकता
टीम वर्क: पतंग उड़ाने वाले और लटाई पकड़ने वाले के बीच सही तालमेल होना चाहिए ताकि मांझा किसी राहगीर के गले या हाथ-पैर में न फंसे।
एक जिम्मेदार नागरिक बनें: आपकी थोड़ी सी सावधानी किसी की जान बचा सकती है और आपके त्योहार की खुशी को दोगुना कर सकती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

15 January Birthday: आपको 15 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

मकर संक्रांति: अब 14 नहीं, 15 जनवरी को मना रहे हैं लोग?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 जनवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

मौनी अमावस्या पर दुर्लभ चतुर्ग्रही योग, 6 राशियों के लिए बेहद ही शुभ

तिल द्वादशी व्रत कब और क्यों किया जाता है, जानें महत्व और पूजा विधि और मुहूर्त

अगला लेख