Hanuman Chalisa

मकर संक्रांति के वाहन का राज, यहां जानिए आप

Webdunia
आजकल के कैलेंडर या पंचागों में मकर संक्रांति का देवीकरण कर दिया गया है। इससे भी उसके फलाफल निकाले जाते हैं। जैसे उसके विषय में अग्र सूचनाएं ये हैं कि- संक्रांति जो कुछ ग्रहण करती है, उसके मूल्य बढ़ जाते हैं या वह नष्ट हो जाता है। वह जिसे देखती है, वह नष्ट हो जाता है, जिस दिशा से वह जाती है, वहां के लोग सुखी होते हैं, जिस दिशा को वह चली जाती है, वहां के लोग दुखी हो जाते हैं। हालांकि यह कितना उचित है यह हम नहीं जानते।
 
संक्रांति को दुर्गा देवी मान लिए जाने से अब वह किसी न किसी वाहन पर सवार होकर आती है। उसके वाहन के साथ ही उपवाहन भी होते हैं। जैसे 2019  में संक्रांति का वाहन सिंह एवं उपवाहन गज (हाथी) था। 2020 में गदर्भ पर सवार होकर आई थी संक्रांति। संक्रांति गर्दभ पर सवार होकर गुलाबी वस्त्र धारण करके मिठाई का भक्षण करते हुए दक्षिण से पश्चिम दिशा की ओर गई। संक्रांति का उपवाहन मेष था।

वर्ष 2021 में संक्रांति का वाहन सिंह (व्याघ्र) एवं उपवाहन गज (हाथी) रहेगा। इस वर्ष संक्रांति का आगमन श्वेत वस्त्र व पाटली कंचुकी धारण किए बालावस्था में हो रहा है। संक्रांति कस्तूरी लेपन कर गदा आयुध (शस्त्र) लिए स्वर्णपात्र में अन्न भक्षण करते हुए आग्नेय दिशा को दृष्टिगत किए पूर्व दिशा के ओर गमन करते आ रही है। 
 
जब जब संक्रांति का देवीकरण कर दिया गया है तो निश्चित ही देवी के अलग अलग तरह के पुष्प, वस्त्र, आभूषण आदि भी बताए जाते हैं। कहते हैं कि उसके वस्त्र काले, श्वेत या लाल आदि रंगों के होते हैं। उनके हाथ में धनुष या शूल रहता है। वह लाल या गोरोचन जैसे पदार्थों का तिलक करती है। वह युवा, प्रौढ़ या वृद्ध है। वह खड़ी या बैठी हुई वर्णित है।
 
वह पूर्व आदि दिशाओं से आती है और पश्चिम आदि दिशाओं को चली जाती है और तीसरी दिशा की ओर झांकती है। उसके अधर झुके हैं, नाक लम्बी है। उसके 9 हाथ है। इसी तरह के और भी कई बातें हैं जिससे संक्रांति का फलाफल जान सकते हैं।
मकर संक्रांति 14 जनवरी को, इस दिन भूलकर भी न करें ये 14 काम...
ALSO READ: मकर संक्रांति की 10 पौराणिक बातें, आपकी आंखें खोल देंगी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

धर्म संसार

Guru Purnima 2026: इन 5 गुरुओं की पूजा से मिलेगा ज्ञान, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद

24 July Birthday: आपको 24 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 जुलाई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

Ashadha Purnima 2026: आषाढ़ी पूर्णिमा कब है, जानिए इस दिन का खास महत्व

अगला लेख