Hanuman Chalisa

Aurangzeb को लेकर मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज राणा का बयान, तो हिन्दू बचते ही नहीं

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
गुरुवार, 6 मार्च 2025 (19:16 IST)
Tabrez Ranas statement on Aurangzeb : औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर विवाद थमा नहीं कि अब मुनव्वर राणा के बेटे का बयान सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में तबरेज राणा ने कहा कि औरंगजेब ने 48 साल तक राज किया। अगर उसने उन 48 सालों में हिन्दुओं का कत्लेआम किया होता तो उसने बहुतों को मार डाला होता। क्या तब हिन्दू बच पाते? क्या उसने मंदिर तोड़ दिए होते? क्या मंदिर 48 साल तक बचे रहते? इन 10 सालों की सरकार में बुलडोजर चलाए गए। अबू आजमी पर एक्शन लेते हुए महाराष्ट्र विधानसभा से आजमी को निलंबित कर दिया गया। उन पर कई जगहों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
ALSO READ: JDU MLC ने की औरंगजेब की सराहना, अबू आजमी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
पिता के बारे में क्या कहा : तबरेज राणा ने कहा कि जब मेरे दिवंगत पिता मुनव्वर राणा बुरे हो सकते हैं...उनकी क्या गलती थी? कि वे 'गोडसे' के दौर में 'गांधीगिरी' कर रहे थे...यह (विवाद) तब होता है जब हमारे पास दिखाने के लिए कुछ नया नहीं होता। अगर हमने कुछ नया, कुछ अच्छा किया होता, तो हम अतीत में नहीं जाते...आप मुगल से नफरत करते हैं लेकिन मुगलई को पसंद करते हैं। 
ALSO READ: RSS नेता भैयाजी जोशी के बयान के बाद मुंबई में भड़का मराठी विवाद, BJP आई बचाव में
सोशल मीडिया पर लिखा सादगी से जीता था औरंगजेब : तबरेज राणा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा है कि औरंगजेब बहुत सादगी से जीवन जीता था। तबरेज ने अपने पिता की शायरी को शेयर करते हुए कहा कि औरंगजेब इतना खराब नहीं था, जितना दिखाया गया है। 
ALSO READ: JDU MLC ने की औरंगजेब की सराहना, अबू आजमी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
गर्माई हुई है महाराष्ट्र की सियासत : महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आजमी द्वारा औरंगजेब पर दिए एक बयान के बाद सियासत गर्माई हुई है। आजमी ने औरंगजेब का बचाव करते हुए बयान दिया था कि मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानता। इन दिनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है। 

आजमी को अखिलेश का साथ : अबू आजमी के समर्थन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव आए थे। यादव ने कहा था कि अगर निलंबन का आधार विचारधारा से प्रभावित होने लगे तो अभिव्यक्ति की आजादी और अधीनता में क्या अंतर रह जाएगा? हमारे विधायक हों या सांसद, उनकी निर्भीकता बेजोड़ है। अगर कुछ लोग सोचते हैं कि 'निलंबन' से उन पर लगाम लग जाएगी तो यह उनकी नकारात्मक सोच का बचकानापन है। इनपुट एजेंसियां

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

इमैनुएल मैक्रों ने PM मोदी के साथ शेयर की AI वाली फोटो, कहा- 'जब दोस्त मिलते हैं'

Who is Neha Singh : नेहा सिंह कौन हैं, AI इम्पैक्ट समिट में 'रोबोडॉग' से चर्चाओं में, Galgotias University ने झाड़ा पल्ला

'यादव जी की लव स्टोरी' पर छिड़ा विवाद, संभल में जोरदार विरोध प्रदर्शन, जलाए गए फिल्म के पोस्टर

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट? ईरान के साथ आए रूस-चीन, हॉर्मुज की खाड़ी में युद्धपोतों की तैनाती से मचा हड़कंप! शुरू किया घातक अभ्यास

Porn Star बनने की सनक में पति की घिनौनी करतूत, पत्नी का अश्लील वीडियो रिश्तेदारों को WhatsApp किया

सभी देखें

नवीनतम

भारत : यूएन प्रमुख ने की 3 अरब डॉलर के वैश्विक AI कोष की अपील

12 राज्यों SIR की तैयारी, आ गई राज्यों की लिस्ट, अप्रैल में चलेगा महाभियान

यमुना एक्सप्रेस-वे : जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए 500-500 एकड़ भूमि प्रस्तावित

उत्‍तर प्रदेश बन रहा नेचुरल फॉर्मिंग हब, प्रदेश के सभी 75 जिलों में पहुंची फॉर्मिंग

लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ, बुनकरों को मिलेगा नया बाजार

अगला लेख