dharma sangrah

संजय राउत को मोहन भागवत के बयान पर आपत्ति, कहा- संघ प्रमुख संविधान निर्माता नहीं

भागवत ने राम मंदिर निर्माण को भारत की सच्ची आजादी बताया था

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
मंगलवार, 14 जनवरी 2025 (17:37 IST)
Sanjay Raut News: शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के इस बयान पर आपत्ति जताई है कि भारत को सच्ची आजादी तब मिली, जब अयोध्या में राम मंदिर (Ram temple) का निर्माण हुआ। राउत ने भागवत के बयान पर आपत्ति जताते हुए मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख संविधान के निर्माता नहीं हैं।ALSO READ: क्या भंग होगा इंडिया गठबंधन और MVA, संजय राउत ने दिया बड़ा बयान
 
भगवान राम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं हो : उन्होंने कहा कि भगवान राम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। राउत ने आरएसएस प्रमुख की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है। आरएसएस प्रमुख ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि सदियों तक विदेशी आक्रमणों को झेलने वाले भारत को सच्ची आजादी पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ मिली।ALSO READ: Maharashtra Politics : संजय राउत का दावा, सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे अजित पवार
 
राउत ने यहां कहा कि आरएसएस प्रमुख एक सम्मानित व्यक्ति हैं, लेकिन वे संविधान के निर्माता नहीं हैं। वे इस देश के कानूनों का मसौदा तैयार नहीं करते या उनमें बदलाव नहीं करते। रामलला के विग्रह का प्राण-प्रतिष्ठा वास्तव में देश के लिए गौरव का क्षण है और मंदिर निर्माण में सभी ने अपना योगदान दिया है। लेकिन यह दावा करना गलत है कि देश अभी आजाद हुआ है।ALSO READ: शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ सकती है BMC चुनाव, संजय राउत ने दिए संकेत
 
भगवान राम का राजनीतिकरण नहीं हो : राज्यसभा सदस्य ने कहा कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली थी लेकिन भगवान राम का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। शिवसेना (उबाठा) के नेता ने कहा कि रामलला हजारों वर्षों से इस धरती पर विराजमान हैं। हमने उनके लिए लड़ाई लड़ी है और लड़ते रहेंगे, लेकिन रामलला को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से देश को वास्तविक आजादी नहीं मिलेगी।
 
भागवत ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा दिवस को 'प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाया जाना चाहिए, क्योंकि कई शताब्दियों तक 'परचक्र' (विदेशी आक्रमणों) का सामना करने वाले भारत की 'सच्ची स्वतंत्रता' उस दिन स्थापित हुई थी।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

ब्रिटेन में क्यों फंसे हैं विजय माल्या? भगोड़े कारोबारी ने किया बड़ा दावा

मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

सभी देखें

नवीनतम

iPhone 18 को लेकर बड़ा बदलाव, 2 स्टैंडर्ड iPhone के बीच होगा 18 महीने का गैप, Pro मॉडल में मिल सकते हैं ये धांसू फीचर्स

बुंदेलखंड में जल संकट का समाधान निकाल रहा योगी सरकार का आधुनिक जल प्रबंधन मॉडल

Hormuz Strait में अमेरिकी पनडुब्बी पकड़ने का ईरान का दावा, ट्रंप के सामने बढ़ी चुनौती

2017 से पहले तीन-तीन महीने नहीं पहुंचता था राशन : सीएम योगी

हंदवाड़ा में हाइब्रिड आतंकी गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से मचा हड़कंप

अगला लेख