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भगवान श्रीकृष्‍ण की 3 माताएं, जानिए रहस्य

अनिरुद्ध जोशी
शनिवार, 23 नवंबर 2019 (11:04 IST)
भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व बहुत ही रहस्यमयी है। उन्होंने गीता के रूप में संसार को जो ज्ञान दिया है उसमें धर्म, दर्शन और अध्यात्म की सभी धाराएं समाहित है। आओ जानते हैं उनकी 3 माताओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
1.देवकी : यह श्रीकृष्ण की सगी माता है। यह मथुरा के राजा कंस के पिता महाराजा उग्रसेन के भाई देवक की कन्या है। इनको अदिति का अवतार भी माना जाता है। इनका विवाह वसुदेव से हुआ। इसलिए श्रीकृष्ण के देवकीनंदन और वासुदेव भी कहते हैं।
 
 
2.रोहिणी : वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी बलराम, एकांगा और सुभद्रा की माता थीं। उन्होंने देवकी के सातवें गर्भ को ग्रहण कर लिया था और उसी से बलराम की उत्पत्ति हुई थी। ये यशोदा माता के यहां रहती थीं। भगवान् श्री कृष्ण की परदादी 'मारिषा' व सौतेली मां रोहिणी 'नाग' जनजाति की थीं। 
 
 
3.यशोदा : माता यशोदा भगवान श्रीकृष्ण की न तो सगी माता और न ही सौतेली माता थीं। उन्होंने ही भगवान श्रीकृष्ण का लालन पालन किया था इसलिए वह सगी और सौतेली माता से भी बढ़कर थीं। नंद की पत्नी यशोदा के पिता का नाम सुसुख और माता का नाम पाटला था।
 
 
4.अन्य माताएं : श्री कृष्‍ण के पिता वसुदेव की और भी पत्नियां थीं। जैसे पौरवी, भद्रा, मदिरा, रोचना और इला आदि। ये सभी भगवान श्रीकृष्‍ण की सौतेली माताएं थी।
 

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