sawan somwar

पुलिस का बड़ा खुलासा, विकास दुबे बस से आया था उज्जैन, किसी ने नहीं दिया संरक्षण...

Webdunia
रविवार, 12 जुलाई 2020 (16:30 IST)
उज्जैन (मध्यप्रदेश)। उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात अपराधी विकास दुबे इस मुठभेड़ से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन बस से आया था और अब तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि उसे उज्जैन में किसी ने संरक्षण दिया था। उसे उसी दिन नौ जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिस दिन वह उज्जैन पहुंचा था।

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने शनिवार रात को यहां बताया, हमारी जांच में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि वह राजस्थान के अलवर से राजस्थान परिवहन निगम की बस से झालावाड़ आया। झालावाड़ से बाबुल ट्रेवल्स की बस से आठ जुलाई की रात में नौ बजे चला है और सीट नंबर छह पर बैठकर नौ जुलाई के तड़के तीन बजकर 58 मिनट पर उज्जैन के देवास गेट बस स्टैंड पर बैग के साथ उतरा।

उन्होंने कहा कि वहां से दुबे एक ऑटोरिक्शा करके उज्जैन के महाकाल मंदिर गया और मंदिर के पास उसने होटल खोजने का असफल प्रयास किया। उसके बाद वह सीधे पास में स्थित रामघाट गया और रामघाट में स्नान करके लोगों से महाकाल मंदिर खुलने और दर्शन करने का समय पूछा।

सिंह ने बताया कि जब दुबे को मालूम हुआ कि मंदिर दर्शन सुबह साढ़े सात बजे के आसपास हो पाएगा तो वहां से आकर वह महाकाल मंदिर परिसर के बाहर फूल बेचने वाले सुरेश माली ऊर्फ सुरेश कहार की दुकान पर पहुंचा और उससे प्रसाद एवं फूल खरीदा। सुरेश ने उसे सबसे पहले पहचाना और उसकी दी गई सूचना के आधार पर ही दुबे को नौ जुलाई को बाद में गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर हमने बहुत गंभीरता से जांच की कि विकास दुबे उज्जैन कैसे और किस रास्ते से पहुंचा और क्या कोई संगठन उसके पीछे तो नहीं था?

सिंह ने बताया कि इसके लिए हमने करीब 11 टीमें बनाकर पूरी खोजबीन की और उज्जैन में जितने भी सीसीटीवी कैमरे, लॉज, होटल एवं धर्मशालाएं हैं सभी में सघन जांच कराई, जिसके माध्यम से पता चला कि उज्जैन कैसे पहुंचा।

उन्होंने कहा कि दुबे ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह एक दिन पहले उज्जैन आ गया था और उज्जैन में किसी जगह ठहरने की बात भी की थी। लेकिन जो भी बातें विकास दुबे ने पूछताछ में पुलिस को बताई थी, उनमें से कोई बात अब तक सत्य साबित नहीं हुई है। उसने जो भी बताया था अपने को बचाने के लिए बताया था।

सिंह ने बताया कि हमारी खुफिया एजेंसी, महाकाल मंदिर में लगे हमारे सुरक्षा कर्मचारियों चाहे वे निजी सुरक्षा गार्ड हों या पुलिस के जवान हों ने बहुत ही सक्रियता दिखाई और आप सबके सहयोग से उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को धरदबोचने में सफलता हासिल की।
उन्होंने कहा, अभी तक जांच में किसी भी व्यक्ति, अधिकारी-कर्मचारी के द्वारा उसको संरक्षण दिए जाने की बात साबित नहीं हुई है। इसके बावजूद हमारी जांच जारी है। जब भी जांच में नए तथ्य आएंगे, हम आपको जरूर बताएंगे।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

SCO Summit : पाकिस्तान ने PM मोदी की फोटो की क्रॉप, वीडियो भी काटा, भारत ने दिखाया पूरा सच

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली समेत 5 राज्यों में FIR रद्द; CJP नहीं करेगी प्रोटेस्ट

Redmi Note 17 Pro Max 5G India Launch: भारत में जल्द दस्तक देगा Xiaomi का नया स्मार्टफोन, 10,000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स

नेपाल बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर: एक घर के मलबे से मिले 23 शव, 4000 से ज्यादा लोग अब भी लापता

सभी देखें

नवीनतम

Priya Adhikari कौन हैं , नेपाल बाढ़ के बीच 6 दिन में किए 100 रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

मथुरा में जन्माष्टमी पर्व को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में, भक्ति के साथ तकनीक का होगा संगम

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 41 हजार करोड़ रुपये के कार्यों को दी स्वीकृति, जानें कैबिनेट ने और क्या-क्या लिए निर्णय?

India-Russia Defence Deal : भारत को S-500 और Su-57 की पेशकश, रूस ने बढ़ाया रक्षा सहयोग का हाथ

भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी, रोशनपुरा चौराहे पर किया चक्काजाम

अगला लेख