Publish Date: Wed, 09 Dec 2020 (12:36 IST)
Updated Date: Wed, 09 Dec 2020 (12:39 IST)
मध्यप्रदेश में महापौर पद के लिए होने वाले प्रत्यक्ष चुनाव के लिए सीटों के आरक्षण के लिए घोषणा कर दी गई है। इंदौर की सीट पर किसी भी वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकेगा।
जानकारी के मुताबिक भोपाल और खंडवा में महापौर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि छिंदवाड़ा नगर निगम सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेगी।
इंदौर, जबलपुर, रीवा और सिंगरौली सीटें पूरी तरह मुक्त रहेंगी। यहां महापौर पद पर किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा। रतलाम में महापौर पद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि सतना में ओबीसी की महिला चुनाव लड़ सकेगी।
मुरैना में महापौर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि ग्वालियर, देवास, बुरहानपुर और कटनी में महापौर पद पर सामान्य वर्ग की महिलाए किस्मत आजमा सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण आबादी के अनुसार होता है। इस बार भी पिछले बार की तरह वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ही आरक्षण किया गया है।
रमेश मेंदोला को मिल सकता है टिकट : इंदौर में महापौर पद सबके लिए खुला होने के कारण यूं तो भाजपा में कई दावेदार हैं, लेकिन यदि रमेश मेंदोला को मंत्री नहीं बनाया जाता है तो इस पद के लिए उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। इसके निवर्तमान महापौर मालिनी गौड़ को भी दोहराया जा सकता है। पूर्व सांसद कृष्ण मुरारी मोघे, गोपी नेमा और मधु वर्मा पर भी भाजपा दांव लगा सकती है।
दूसरी ओर, कांग्रेस की तरफ संजय शुक्ला, सत्तू पटेल, अश्विनी जोशी, जीतू पटवारी, विशाल पटेल को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। ऐन मौके पर महिला होने के कारण शोभा ओझा को मैदान में उतारा जा सकता है।