Publish Date: Mon, 03 Feb 2020 (09:39 IST)
Updated Date: Mon, 03 Feb 2020 (10:15 IST)
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकारों के नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने से साफ इंकार करने की बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत के दोनों राज्यों के संघ कार्यकर्ताओं की बैठक लेने से सियासी पारा एकाएक चढ़ गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सरसंघचालक मोहन भागवत आज से लगातार चार दिन तक भोपाल शारदा विहार में संघ कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक बैठक लेंगे।
बैठक के पहले दिन आज संघ प्रमुख मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के जिला प्रचारकों की बैठक लेंगे। करीब पांच साल के बाद संघ प्रमुख इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद चार फरवरी को संघ प्रमुख दोनों राज्यों के विभाग प्रचारकों के साथ बैठक करेंगे। वहीं पांच और छह फरवरी को मोहन भागवत आरएसएस से जुड़े अनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे। इसमें भाजपा,एबीवीपी, भारतीय मजदूर संघ, विहिप जैसे पंद्रह संगठनों के अध्यक्ष और संगठन महामंत्री शामिल होंगे।
देश में नागरिकता संशोधन कानून पर जारी सियासी घमासान और मध्य प्रदेश में आने वाले समय में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर संघ प्रमुख की ये बैठकें महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संघ से जुड़े सूत्र बताते है कि इन बैठकों में संघ और उससे जुड़े संगठनों के साल भर के कामकाज की समीक्षा होने के साथ ही संघ की भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी। माना जा रहा है कि संघ और उससे जुड़े संगठनों की बैठक में संघ प्रमुख नागरिकता संशोधन कानून पर अपना रुख साफ कर सकते है।
कांग्रेस ने साधा निशाना – संघ प्रमुख मोहन भागवत के भोपाल में मैराथन बैठक लेने से सूबे का सियासी पारा भी गरमा गया है। कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने संघ की समन्वय बैठक में मोहन भागवत के शामिल होने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोहन भागवत जहां भी जाते है वहां दंगे भड़काने का काम करते है, ऐसे में अब जब मोहन भागवत भोपाल में है तो यहां के पुलिस, जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है।