Publish Date: Wed, 06 Feb 2019 (12:47 IST)
Updated Date: Wed, 06 Feb 2019 (13:14 IST)
5 सितंबर 2017 को सरदारपुरा के दूधतलाई में एक वीभत्स हत्याकांड सामने आया। रमेश लौधी के घर से मिली इस लाश का चेहरा व आधी गर्दन कटी लाश के दोनों पैर भी घुटने के नीचे से गायब थे। जिसने भी यह दृश्य देखा अंदर तक सिहर उठा।
क्यों हुई यह हत्या : लोन दिलाने के बहाने एक युवक महिला से मिलने के लिए एक माह से उसके घर आ रहा था, पति को उसका घर आना पसंद नहीं था। इसी को लेकर रमेश लौधी नेे निर्ममता से उसकी हत्या कर लाश को घर के नीचे वाले कमरें में बिस्तर में छुपा कर रख दिया गया। ऊपर से बरसाती ढंक दी और घर वालों से बोला पानी टपकता है इसलिए लगाई है, हटाना मत।
हाथ देखकर चीख उठी मासूम : फिर लाश को काटकर ठिकाने लगाने के लिए नए बोरे खरीदकर लाया। दो पैर काटकर बोरे में भरकर ले भी गया। उसके घर से जाने के कुछ देर बाद ही उसकी आठ साल की बेटी ने सफाई करते हुए बरसाती हटाई तो मृत युवक का हाथ देख घबरा कर चीख उठी, इसके बाद लोगों की भीड़ लग गई। मृतक की पहचान रामू उर्फ धरम पिता केशव धाकरे (20 साल) निवासी ग्राम बोड़िया धोलपुर राजस्थान के रुप में हुई। युवक बड़नगर मार्ग पर सुखविंदर खनूजा के ढाबे पर काम करता था।
रमेश ने हत्या की, वह लाश भी ठिकाने लगा देता : तत्कालिन सीएसपी समाधिया के घटना के बाद बताया था कि रमेश लौधी ने ही चरित्र शंका में निर्ममता से हत्या की है। वह सेल्सेमैन का काम करता है, वह सुबह लोगों ने बाइक पर जाते समय उसके हाथ में नया बोरा देखा था। संभवत: उसी में कटे पैर लेकर वह गया। आसपास के लोगों से यह भी मालूम हुआ कि वह नशे का आदी है और कुछ समय से डिप्रेशन में था, तांत्रिकों के चक्कर में भी पड़ गया था।
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Updated Date: Wed, 06 Feb 2019 (13:14 IST)