sundarkand

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

पोषण आहार का काम अब महिला बाल विकास विभाग के जिम्मे, जानें मोहन कैबिनेट के अहम फैसले

मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की स्वीकृति

Advertiesment
Madhya Pradesh News
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले लिए।कैबिनेट ने टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया है। तात्कालिक रूप से अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। अन्तरिम व्यवस्था तत्काल प्रारंभ किए जाने के साथ ही भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने एवं नवीन निर्देश अनुसार व्यवस्था स्थापित होने तक के लिए टेक होम राशन की व्यवस्था, अल्प कालीन निविदा के माध्यम से किए जाने के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।
 
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी। राज्य सरकार ने शहरों के कायाकल्प के लिए नगरीय अधोसंरचना विकास मद में 8 हजार 445 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की। इसके साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुण्डलिया परियोजना को निरंतर रखने जैसे कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई।
 
जारी रहेगी कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना-कैबिनेट ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के 1,39,600 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।
 
मूंग उपार्जन के लिए अहम फैसला-कैबिनेट ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जाएगी।
 
नगरीय क्षेत्रो में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ मप्र नगर पलिका-नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका तथा नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा ऐसी परियोजनाओं के लिए निकायों द्वारा लिए गये ऋण पुनर्भुगतान के लिए किया जाता है।
 
वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओ को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रुपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रुपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। इन योजनाओं के तहत कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय व्यय, व्यावसायिक सेवाओं का भुगतान और मशीन-फर्नीचर-वाहनों का संधारण किया जाता है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान