Hanuman Chalisa

मध्यप्रदेश में लंपी ने ली 336 पशुओं की जान, क्या पशुपालन विभाग की लापरवाही है बड़ी वजह?

नृपेंद्र गुप्ता
मंगलवार, 18 अक्टूबर 2022 (16:06 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब तक 20,874 पशु लंपी वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 18,351 पशु रोग मुक्त हो चुके हैं। वहीं, 336 पशुओं की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार की सतर्कता और प्रभावी उपायों से प्रदेश में लंपी रोग के प्रकोप पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। कहा जा रहा है कि प्रदेश में लंपी फैलने का एक कारण पशु चिकित्सकों की पिछड़ा वर्ग विभाग में प्रतिनियुक्ति भी है।
 
मध्यप्रदेश किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता केदार शंकर सिरोही ने वेबदुनिया के साथ बातचीत में कहा कि कई स्थानों पर पशुओं की जान जा रही है, पशु ठीक भी हो रहे हैं लेकिन उन्हें तकलीफ बहुत हो रही है। दुधारू पशुओं का दूध कम हो रहा है, प्रोडक्टिविटी घट हो रही है। इससे डर का माहौल है। सरकार ने लोगों से गोबर के कंडे पर नीम का धुआं करने को कहा। यह हमारा ट्रेडिशनल सिस्टम है, हम कर लेंगे। सरकार का काम है वैक्सिनेशन करना है। मध्यप्रदेश में 4 से 5 करोड़ पशु हैं, लेकिन हर जिले में केवल 5 से 7 हजार पशुओं का ही टीकाकरण किया गया। आवारा पशुओं की देखभाल के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।
 
पशु चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर : पशुपालन विभाग में पहले ही 2600 से 2700 स्थान रिक्त हैं। जिन पशु चिकित्सकों को फील्ड पर होना चाहिए वह पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सकों की कमी होने के बाद भी विभाग ने उन्हें किस आधार पर प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभाग में पदस्थ करने की अनुमति प्रदान की है?
 
उन्होंने सवाल किया कि लंपी बीमारी फैलने के बाद सरकार ने कोई रोडमैप जारी नहीं किया। सरकार ने यह नहीं बताया कि बीमारी के लिए कितना बजट जारी किया, किस माध्यम से दिया और इसे कैसे खर्च कर रहे हैं? इस समय सभी को टेक्निकल सपोर्ट की जरूरत थी, वैक्सीन की जरूरत थी। ये तो आत्मनिर्भर बना रहे हैं। अगर गौमाता को ही आत्मनिर्भर बना देंगे तो इस बार गौमाता भी इन्हें आत्मनिर्भर बना देगी। 
 
भगवान भरोसे गोवंश : सिरोही ने आरोप लगाया कि इन्होंने बजट नहीं दिया, डॉक्टर मलाईदार विभागों में प्रतिनियुक्ति पर गए हैं, कोरोना की तरह यहां भी थाली ताली बजाने जैसे काम करा रहे हैं। गाय को भगवान भरोसे छोड़ दिया है और भगवान को राजनीति के भरोसे।
 
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कहा कि मध्य प्रदेश में लंपी वायरस की बीमारी से बहुत पशुओं की मृत्यु हो रही है। पशुपालन विभाग के अधिकांश पशु चिकित्सक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। वहीं यह विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
 
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहे लंबी वायरस पर शीघ्र नियंत्रण करने के लिए अन्य विभागों एवं पिछड़ा वर्ग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ पशु चिकित्सकों की सेवाएं विभाग को वापस करते हुए इस महामारी से बेजुबान पशुओं को बचाने का कष्ट करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

खामेनेई के प्रतिनिधि इलाही का बड़ा दावा, बोले- नहीं झुकेगा ईरान, युद्ध को बताया आशीर्वाद, कैसे हैं भारत से रिश्‍ते?

नतीजों से पहले CM ममता बनर्जी का बड़ा दावा, बोलीं- अबकी बार 200 पार, एग्जिट पोल को किया खारिज

भाजपा के 'नारी वंदन' का मुखौटा उतरा, राहुल गांधी ने BJP को क्यों कहा महिला विरोधी

बांझ (एज़ोस्पर्मिया) पुरुषों के लिए बड़ी राहत भरी खबर: AI की मदद से अब बन सकते हैं पिता

देश में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम की शुरुआत, मोबाइल पर सायरन के साथ आया अलर्ट मैसेज, इमरजेंसी में तुरंत पहुंचेगी सूचना

सभी देखें

नवीनतम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बड़ा हादसा, ड्राइवर को आया हार्टअटैक, पलटी बस, 40 लोग घायल

लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम, CM योगी ने पारदर्शी भर्ती पर दिया जोर, भ्रष्टाचार पर साधा निशाना

उत्तराखंड में बेटियों के लिए बड़ा फैसला, हर ब्लॉक में खुलेंगे बालिका छात्रावास, CM धामी के निर्देश

US-Iran war impact : होर्मुज नाकेबंदी से बढ़ा खाद संकट, खतरे में फूड सिक्योरिटी, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में डराने वाला खुलासा, क्या भारत पर भी होगा असर

यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव, 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को मिला फायदा

अगला लेख