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कुंभ राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण, युद्ध का बजेगा बिगुल, समुद्र में उठेगा तूफान, धरती पर आएगा भूकंप

WD Feature Desk
बुधवार, 16 जुलाई 2025 (14:39 IST)
Effect of Chandra Grahan 2025: 14 मार्च 2025 शुक्रवार, फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन साल का पहले चंद्र ग्रहण था इसके बाद 29 मार्च को सूर्य ग्रहण था। इसके बाद से ही देश और दुनिया के हालात में भारी परिवर्तन हुआ। अब 07 सितंबर 2025 रविवार, भाद्रपद मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। पितृपक्ष शुरु होगा तब लगेगा। वर्ष 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 और 22 सितंबर 2025 के दौरान रहेगा। 
 
वर्ष 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण:-
दिनांक: 07 सितंबर 2025 रविवार, भाद्रपद मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा। पितृपक्ष शुरु होगा तब लगेगा।
ग्रहण प्रकार: खग्रास चंद्र ग्रहण
समय: भारतीय समय अनुसार 07 सितंबर की मध्यरात्रि 09:57 बजे शुरू होकर 08 सितंबर की मध्यरात्रि 1:26 बजे तक रहेगा।
चन्द्र ग्रहण का पूर्ण प्रभाव प्रारम्भ: मध्यरात्रि 12:28 से तड़के 03:56 तक पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा।
कहां नजर आएगा?: भारत समेत संपूर्ण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, न्यूजीलैंड, पश्चिमी और उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के पूर्वी क्षेत्रों में दिखाई देगा।
सूतक काल: जहां पर भी यह चंद्र ग्रहण नजर आएगा वहां पर सूतक काल ग्रहण के 09 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। इस ग्रहण का सूतक काल भारत में 7 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से आरंभ होगा और ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा।
 
ग्रहण का प्रभाव:-
चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानव मस्तिष्क पर और समुद्र पर ज्यादा देखने को मिलता है। ऐसे समय में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ जाएगी। इस ग्रहण के दौरान कई अशुभ योग भी रहेंगे, जिसके देश और दुनिया में भारी तबाही हो सकती है। ज्योतिष के अनुसार यदि 14 से 15 दिनों के बीच 2 ग्रहण पड़ते हैं तो इससे अशुभ योग निर्मित होते हैं और धरती पर आगजनी, तूफान, घटना और दुर्घटना बढ़ जाते हैं। ऐसे ग्रहण का प्रभाव 40 दिन पूर्व और 40 दिन बाद तक रहता है। प्रशात महासागर में समुद्री हलचल बढ़ जाएगी। कई देशों में गृहयुद्ध के भी आसर हैं।
 
चंद्र का कुंभ राशि पर प्रभाव रहेगा। कुंभ राशि में राहु के साथ चंद्र रहेगा। इसके सामने सूर्य, बुध और केतु की युति बनी है जो परिस्थिति को बिगाड़ रही है। यानी ग्रहण का इस युति पर प्रभाव रहेगा। कई देश के राजनेता एक दूसरे के सहायक बनने के बजाया एक दूसरे के खिलाफ विद्रोह करना प्रारंभ कर देंगे। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच में भी तनाव चरम पर रह सकता है। दोनों देशों के साथ नकारात्मक योग बन रहे हैं। चीन की अर्थव्यस्था को झटका लग सकता है। ईरान और इजराइल के बीच फिर से युद्ध की स्थिति बन रही है। अमेरिका और रशिया में तनाव बढ़ेगा।

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