Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 (07:49 IST)
Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 (08:02 IST)
-मिया आर्मिटेज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुपर इंटेलिजेंस फोर्स' की घोषणा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को "औद्योगिक क्रांति और इंटरनेट से भी बड़ा” बदलाव बताया। इस तुलना के बारे में उन्होंने कहा कि "कई दूसरे लोग” भी ऐसा मानते हैं।
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एआई उद्योग के तेजी से विस्तार को देखते हुए ट्रंप ने यह कदम सितंबर के आखिर में प्रमुख एआई कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात के बाद उठाया है। यह घोषणा नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से लगभग एक महीने पहले की गई। इस तकनीक पर ज्यादातर कोई सख्त नियम-कानून न होने के कारण ट्रंप पर कारोबारी और राजनीतिक नेताओं का दबाव बढ़ता जा रहा है। वे इस बारे में लगातार चेतावनी भी दे रहे हैं।
यह नाम ट्रंप के सितंबर के उस कार्यकारी आदेश की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस' (एसआई) कर दिया था। राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक और राष्ट्रपति के नवनियुक्त एआई सलाहकार जे क्लेटन को इस टास्क फोर्स की कमान सौंपी गई है।
ट्रंप ने कहा कि यह टास्क फोर्स सरकार की कोशिशों के साथ तालमेल बिठाएगी, "ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिका सुपर इंटेलिजेंस' के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करना जारी रखे।” साथ ही, यह "सभी अमेरिकियों के हितों की रक्षा करेगी और उनके जीवन को बेहतर बनाएगी।”
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ऐसे नियम नहीं चाहते, जो सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) उद्योग की प्रगति को रोकें। इस समूह के कथित चार्टर में कहा गया है कि यह "अत्यधिक नियम-कानूनों और रेगुलेटरी कैप्चर” को रोकने के लिए काम करेगा।
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सुपर इंटेलिजेंस फोर्स क्या करेगी?
व्हाइट हाउस ने सुपर इंटेलिजेंस फोर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन इस समूह की जिम्मेदारियों का विवरण देने वाले चार्टर की एक प्रति द वॉल स्ट्रीट जर्नल' और पॉलिटिको' में प्रकाशित हुई है।
इस दस्तावेज से पता चलता है कि टास्क फोर्स को कई तरह के काम करने हैं। इसमें जैव सुरक्षा और जल आपूर्ति के लिए खतरों को खास तौर पर ध्यान देने वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। हाल के साइबर हमलों में अमेरिका में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।
यह समूह अमेरिका की कुछ सबसे अहम सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। इनमें पेंटागन, न्याय विभाग, गृह सुरक्षा विभाग और संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) शामिल हैं। इसका उद्देश्य ऐसे नए कानूनों के लिए सुझाव तैयार करना है, जिनसे सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई को बेहतर बनाया जा सके।
इसमें इस बात पर विचार किया जाएगा कि एआई लैब के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया जाए कि वे किसी भी तरह के ब्रीच (सुरक्षा उल्लंघन), हैक या जेलब्रेक' की जानकारी सरकार को दें। इसके अलावा, अपने आप अलर्ट जारी करने की व्यवस्था (ऑटोमैटिक अलर्ट) पर भी विचार किया जा सकता है।
रिपोर्ट किए गए दस्तावेज में कहा गया है, "हालांकि, एआई लैब अपने मॉडल के कारण बढ़ने वाले जोखिमों और मिलने वाले अवसरों के लिए आखिरकार खुद जिम्मेदार हैं, लेकिन इस बदलाव के दौर को पहचानना और समझना संघीय सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार का काम देश के कानूनों को लागू करना भी है, ताकि हमारे गणतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा हो सके और उन्हें आगे बढ़ाया जा सके।”
इस चार्टर के तहत वित्तीय सेवाओं, ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे, परिवहन, कृषि और आपातकालीन सेवाओं जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ट्रंप ने कहा कि यह टास्क फोर्स आम लोगों, जनहित समूहों और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा मुहैया कराने वाली संस्थाओं और एआई कंपनियों के साथ सरकार के संपर्क और सहयोग में तालमेल बिठाएगी। हालांकि, कुछ आलोचकों ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि इसमें कामगारों का कोई जिक्र नहीं है।
इस टास्क फोर्स को एआई से जुड़े खतरों पर रिपोर्ट सौंपने के लिए 120 दिन का समय दिया गया है। रिपोर्ट में नागरिक स्वतंत्रता के लिए संभावित खतरे, साइबर सुरक्षा, उन्नत एआई मॉडल के मानक और जरूरत से ज्यादा नियम बनाने के संभावित असर पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सुपर इंटेलिजेंस फोर्स में कौन-कौन शामिल है?
अक्टूबर की शुरुआत में ट्रंप ने क्लेटन को एआई सलाहकार नियुक्त किया था। अब वह इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने द वॉल स्ट्रीट जर्नल' से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एआई सिस्टम "बातचीत के जरिए विकसित” किए जाएंगे। उन्होंने इसके लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन' (एसईसी) और फेडरल रिजर्व' की ओर से वित्तीय उद्योग के लिए बनाए गए रिस्क मॉडल का उदाहरण दिया। बता दें कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान क्लेटन एसईसी के प्रमुख थे।
सामने आए चार्टर में टास्क फोर्स के तीन उपाध्यक्षों के नाम भी दिए गए हैं:
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एंड्रयू फर्ग्यूसन, एफटीसी के चेयरमैन
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एमिल माइकल, रक्षा विभाग में रिसर्च और इंजीनियरिंग के अंडरसेक्रेटरी
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स्कॉट कुपोर, ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट के डायरेक्टर
रिपोर्ट किए गए चार्टर के मुताबिक, फर्ग्यूसन को उपभोक्ताओं के हितों और उनके अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों की जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब एफटीसी, ओपनएआई, एंथ्रोपिक और एमईटीआर की जांच कर रहा है। ये ऐसे एआई एजेंटों से जुड़े मामले को लेकर जांच के दायरे में हैं जो नियंत्रण से बाहर होकर नुकसान पहुंचाने वाले काम कर सकते हैं।
माइकल पहले टेक्नोलॉजी सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं और परप्लेक्सिटी एआई' के सलाहकार बोर्ड में भी रह चुके हैं। अब वह एआई कंपनियों के साथ संपर्क और तालमेल का काम संभालेंगे। कुपोर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़ी संस्थाओं और उद्योग के दूसरे संबंधित लोगों के साथ तालमेल बनाएंगे।
ट्रंप के मंत्रिमंडल के कई अहम सदस्य भी इस टास्क फोर्स में शामिल हैं। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ शामिल हैं। चार्टर में ट्रंप के पूर्व एआई सलाहकार डेविड सैक्स और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं कोंडोलीजा राइस के नाम भी बाहरी सदस्यों के रूप में दर्ज हैं।
टास्क फोर्स को अपनी रिपोर्ट और सुझाव राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को सौंपने हैं।
टास्क फोर्स पर प्रतिक्रिया
पॉलिटिको के मुताबिक, ट्रंप की घोषणा से पहले कई प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं को सुपर इंटेलिजेंस फोर्स की योजना के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। यह टास्क फोर्स ऐसे समय में बनाई गई है, जब रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर एआई से होने वाले खतरों को कम करने के उद्देश्य से एक बड़ा कानून लाने की तैयारी कर रहे हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) की सदस्य लोरी ट्रेहन ने सीएनएन से कहा कि ट्रंप "सिर्फ एक एआई फोर्स बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास यह बताने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है कि इसे कांग्रेस की मंजूरी के जरिए कैसे लागू किया जाएगा।” उन्हें यह पहल समस्या के समाधान के बजाय उसे टालने की कोशिश ज्यादा लगी।
ट्रेहन ने कहा, "हमें अत्याधुनिक एआई पर काम करने वाली कंपनियों के लिए कानून बनाने और सुरक्षा उपाय तय करने चाहिए। लेकिन इस योजना में ऐसा कुछ भी नहीं है।”
डेमोक्रेटिक पार्टी के एक अन्य प्रतिनिधि जोश गॉटहाइमर ने भी पॉलिटिको से कहा कि उन्हें ट्रंप की मंशा पर संदेह है। बतौर गॉटहाइमर, "अगर राष्ट्रपति को अब एहसास हो रहा है कि एआई से जुड़े खतरे कोई मनगढ़ंत बातें नहीं हैं और वह अमेरिका की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं, तो यह अच्छी बात है। लेकिन अगर यह सिर्फ अपनी छवि चमकाने और अपने परिवार के निवेश को बचाने की कोशिश है, तो मुझे इससे गंभीर आपत्ति है।”
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