Publish Date: Wed, 06 Jun 2018 (11:11 IST)
Updated Date: Wed, 06 Jun 2018 (11:15 IST)
9,100 किलोमीटर लंबे महासागर को तैरकर पार करना। क्या फ्रांस के बेन लेकोम प्रशांत महासागर को पार करने वाले पहले इंसान बन पाएंगे?
फ्रांस के तैराक बेन लेकोम ने 5 पांच जून को जापान के पूर्वी तट से प्रशांत महासागर में छलांग लगाई। 50 साल के लेकोम जापान और अमेरिका के बीच प्रशांत महासागर को पार करने वाले पहले तैराक बनना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें लगातार छह महीने तक हर दिन आठ घंटे तैरना होगा। इस दौरान उनका सामना शार्कों से भी होगा और ताकतवर लहरों से भी।
सब कुछ ठीक रहा तो 9,100 किलोमीटर की तैराकी के बाद लेकोम नवंबर 2018 के आसपास अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंचेंगे। महासागर में उतरने से पहले लेकोम ने कहा कि हर दिन आठ घंटे तैराकी के लिए 8,000 कैलोरी से ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ेगी।
लेकोम 1998 में दो महीने तक तैरते हुए अटलांटिक महासागर पार कर चुके हैं। लेकिन तब उनकी उम्र 30 साल थी। अब 50 साल है। प्रशांत महासागर में तैराकी के दौरान 27 अलग अलग वैज्ञानिक संस्थाओं की टीम उनके साथ रहेगी। टीम उन्हें सेहत और समुद्र से जुड़ी जानकारियां देती रहेगी। इस दौरान रिसर्च टीम प्रशांत महासागर में प्लास्टिक के प्रदूषण का अध्ययन भी करेगी।
लेकोम ने विश्व पर्यावरण दिवस के दिन को अपने अभियान की शुरुआत के लिए चुना है। उनके मुताबिक प्लास्टिक की वजह से समुद्रीय जीवन खतरे में हैं। इस अभियान के दौरान लेकोम को http://www.seeker.com वेबसाइट पर लाइव ट्रैक किया जा सकता है।
ओएसजे/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)