Publish Date: Mon, 27 Nov 2017 (18:14 IST)
Updated Date: Mon, 27 Nov 2017 (18:33 IST)
नागपुर। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका दौरे पर नतीजे अपने पक्ष में करने के लिए टीम के खिलाड़ियों को आक्रामक रवैया अपनाना होगा। श्रीलंका के खिलाफ सोमवार को खत्म हुए दूसरे टेस्ट मैच में आक्रामक रवैया का परिचय देते हुए उन्होंने 267 गेंदों में 213 रन की पारी खेलकर टीम को बड़े स्कोर तक ले गए।
कोहली के दोहरे शतक और मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा तथा रोहित शर्मा के शतकों के दम पर भारत ने विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद यह सुनिश्चित किया कि गेंदबाजों के पास श्रीलंका को ऑलआउट करने का पूरा समय हो। भारत ने मैच को पारी और 239 रनों के बड़े अंतर से मैच अपने नाम किया।
मैच के बाद कोहली ने कहा कि मैं अपनी शैली में बल्लेबाजी करना चाहता था। मैं तेजी से रन बनाकर गेंदबाजों को पूरा समय देना चाहता था ताकि वे श्रीलंका की पारी को समेट सके।
भारतीय कप्तान ने कहा कि हमें विदेशों में ऐसे भी ऐसा रुख अख्तियार करना होगा इसलिए मैं यहां ऐसा करना चाहता था। मैं हमेशा बड़े शतक बनाकर अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहता हूं ताकि टीम को इसका फायदा हो सके। शतक बनाने के बाद जब आप एकाग्रता खोते है तो 1-2 विकेट जल्दी गिर सकते है। मैं इस तरीके से सोचता हूं कि नए बल्लेबाज की तुलना में क्रीज पर टिका हुआ बल्लेबाज आसानी से शॉट खेल सकता है और मेरी फिटनेस ने लंबी पारी खेलने में मदद की।
चेतेश्वर पुजारा लंबे समय से टीम के लिए टेस्ट मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन विजय और रोहित के फॉर्म में लौटने से कोहली के पास टीम चयन को लेकर दुविधा की स्थित अच्छी बात है।
कोहली ने कहा कि हम सब जानते हैं कि पुजारा निरंतर प्रदर्शन करते हैं। विजय कुछ समय के बाद खेल रहे थे। उन्हें भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने पर फख्र होता है। मुझे पता है कि टीम से बाहर होने से वे दुखी होते होंगे और उन्होंने शानदार वापसी की।
रोहित ने भविष्य के लिए अपना दावा मजबूत किया। हम जब भी टीम संयोजन की बात करेंगे, वे उसका हिस्सा होंगे। आने वाले समय में हमें बहुत सारे टेस्ट मैचों में खेलना है। (भाषा)