Publish Date: Fri, 15 Feb 2019 (19:29 IST)
Updated Date: Fri, 15 Feb 2019 (19:32 IST)
नई दिल्ली। अंतराष्ट्रीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन (फीका) के अध्यक्ष टोनी आयरिश ने शुक्रवार को कहा है कि स्टंप्स माइक के चयनात्मक उपयोग के कारण खिलाड़ियों के मन में डर बैठ गया है और खिलाड़ियों को इसके दुरुपयोग से बचाने के लिए प्रसारकों को इसके प्रोटोकॉल निर्धारित करने चाहिए।
आयरिश का यह बयान वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शैनन गेब्रियल और पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद पर अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा लगाए गए चार मैचों के प्रतिबंध लगाने के बाद आया है। गौरतलब है कि दोनों खिलाड़ियों के विवादित बयानों को स्टंप्स माइक ने रिकॉर्ड कर लिया था, जिसके बाद दोनों पर कार्रवाई की गई थी।
आयरिश ने कहा, यह गंभीर चर्चा का विषय है कि स्टंप्स माइक का इस्तेमाल कैसे होता है। यह कब चालू रहता है और कब बंद हो जाता है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो खिलाड़ी आम तौर पर स्थिरता के पक्ष में होते हैं और मेरे हिसाब से इसके सही इस्तेमाल के लिए प्रसारकों को प्रोटोकॉल निर्धारित करने चाहिए।
एक प्रसारक के स्टंप्स माइक पर रिकॉर्ड किए फीड का फायदा उठाने की क्षमता के बारे में पूछे जाने पर आयरिश ने कहा कि यही खिलाड़ियों का सबसे बड़ा डर है। उन्होंने कहा, जब स्टंप्स माइक का अनुचित उपयोग होता है तो इसके चयनात्मक उपयोग की संभावना बढ़ जाती है और यह खिलाड़ियों के डर का सबसे बड़ा कारण है। हालांकि ऐसा कहना ठीक नहीं होगा कि सभी प्रसारक ऐसा करते हैं लेकिन इस मौके की संभावना बनी रहती है।
आयरिश ने कहा, कई बार कुछ खिलाड़ी विरोधी टीम के खिलाफ स्टंप्स माइक का इस्तेमाल करता है लेकिन यह खिलाड़ी की भी जिम्मेदारी है कि वह अपनी सीमा में रहकर संयम रखकर व्यवहार करें। खिलाड़ियों पर खेल की भावना और नियमों के भीतर खेलने का दायित्व होता है। इन नियमों में अधिकांश खिलाड़ी के मैदान पर एक दूसरे के साथ व्यवहार करने के तरीके से संबंधित होते है और खिलाड़ियों को यह ध्यान रखना चाहिए।
स्टंप्स माइक के उपयोग को लेकर अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में आपसी मतभेद भी है। जहां इंग्लैंड के कोच ट्रेवर बेलिस इसके उपयोग के पक्ष में नहीं है तो वहीं इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोईन अली ने स्टंप्स माइक का बचाव करते हुए कहा है कि इसे बरकरार रहना चाहिए, इससे खिलाड़ी मैदान पर अमर्यादित व्यवहार नहीं करेंगे।
उल्लेखनीय है कि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ सेंट लूसिया में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच के दौरान वेस्टइंडीज टीम के तेज गेंदबाज शैनन गेब्रियल ने इंग्लैंड के कप्तान जो रुट पर समलैंगिक टिप्पणी की थी जो स्टंप्स माइक ने रिकॉर्ड कर ली थी। मामला सामने आने के बाद आईसीसी ने आचार संहिता के अनुच्छेद 2.13 के तहत गेब्रियल को चार वनडे मैचों से निलंबित करने का फैसला लिया था।
गेब्रियल ने सजा के बाद आरोप को स्वीकार किया था और साथ ही उन्होंने कहा था कि स्टंप्स माइक ने उनके बीच कहासुनी के कुछ अंश ही रिकॉर्ड किए थे।