Publish Date: Thu, 06 Dec 2018 (22:34 IST)
Updated Date: Thu, 06 Dec 2018 (22:40 IST)
एडिलेड। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले ही दिन मेजबान टीम के तेज गेंदबाजों के आगे भारतीय बल्लेबाजों ने हथियार डाल दिए और चेतेश्वर पुजारा के शतक (123 रन) के बावजूद 9 बल्लेबाज महज 250 रन का स्कोर ही बना सके। जानिए पहले दिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने कौनसी पांच गललियां कीं...
सलामी जोड़ी विकेट पर नहीं टिकी : पिच क्यूरेटर ने विकेट पर घास नहीं छोड़ी थी और विराट कोहली सिक्के
की उछाल में सफल होते ही बल्लेबाजी करने का फैसला कर बैठे। सलामी जोड़ी केएल राहुल और मुरली विजय
15 रन के कुल स्कोर पर ड्रेसिंग रुम में लौट आई थी। यहीं से रायता फैलता चला गया। हेजलवुड की गेंद पर
राहुल (2) फिंच को कैच थमा बैठे तो स्टार्क की गेंद पर मुरली (11) ने टिम पेन को कैच दे दिया।
होड़ लगी थी कि कौन पहले पैवेलियन आता है : भारत 15 रन पर 2 विकेट खो चुका था और लंच से पहले यह होड़ लगी थी कि कौन पहले पैवेलियन आता है। भारतीय बल्लेबाजों ने विकेट पर टिकना ही जरूरी नहीं समझा। लंच के समय तक भारत 54 रन पर 4 विकेट गंवा चुका था। लंच से पहले विराट कोहली (3) और रहाणे (13) भी सस्ते में आउट हुए। कमिंस की गेंद पर विराट का करिश्माई कैच उस्मान ख्वाजा ने लपका।
महंगी पड़ी गेंदों से छेड़खानी : एडिलेड की पिच पर घास नहीं छोड़ी गई थी और सपाट विकेट बल्लेबाजों के अनुकूल था लेकिन यहां भारतीय बल्लेबाज खराब शॉट चुनने की गलती के कारण अपने विकेट गंवाते चले गए। खासकर ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर छेड़खानी करने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
ललचाती गेंदों ने बल्लेबाजों को धोखा दिया : भारतीय बल्लेबाज पुरानी गलतियों से सीख नहीं लेते। एडिलेड में भी पहले दिन यही हुआ। तेज और स्पिन आक्रमण करने वाले कंगारु गेंदबाजों ने टीम इंडिया के बल्लेबाजों को लचचाती हुई गेंदें डाली। इन गेंदों पर उन्हें धोखा मिला और वह आउट हुए केएल राहुल ने जोश हेजलवुड की गेंद पर स्लिप में कैच थमाया तो मुरली विजय मिशेल स्टॉर्क की फुल गेंद को ड्राइव करने के प्रयास में लपके गए।
लाल गेंद से खेलने के लिए नहीं किया होमवर्क : वनडे और टी20 में जहां सफेद गेंद का उपयोग होता है, वहीं टेस्ट मैचों में लाल गेंद उपयोग में लाई जाती है। भारतीय बल्लेबाज ज्यादातर सफेद गेंद से खेलने के आदी हैं और उन्होंने लाल गेंद से खेलने के लिए अपना होमवर्क ही नहीं किया। यही कारण है कि तमाम गलतियों के बाद पहले दिन भारतीय टीम 9 विकेट पर 250 रन ही बना सकी।