Publish Date: Sun, 06 Aug 2017 (20:31 IST)
Updated Date: Sun, 06 Aug 2017 (20:37 IST)
दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने विश्व के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज भारत के रवीन्द्र जडेजा को आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाते हुए उन्हें श्रीलंका के खिलाफ पल्लकेल में तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से निलंबित कर दिया है।
आईसीसी ने रविवार को एक बयान में बताया कि जडेजा को श्रीलंका के दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन शनिवार को गलत तरीके से थ्रो फेंकने का दोषी पाया गया और फिर उन्हें पल्लकेल टेस्ट के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा उन पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना भी लगाया गया है और 3 अयोग्यता अंक भी उनके खाते में जोड़ दिए गए हैं।
घटना शनिवार की है, जब जडेजा ने 58वें ओवरों की अंतिम गेंद पर फील्डिंग करते समय बल्लेबाज की तरफ थ्रो फेंका जबकि बल्लेबाज क्रीज में मौजूद था। इसके बाद मैदानी अंपायर ने जडेजा की थ्रो को 'खतरनाक' माना। इसके बाद मैदानी अंपायर ब्रूस ऑक्सनफोर्ड और रॉड टकर, तीसरे अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और चौथे अंपायर रुचिरा पल्लीयागुरुगे ने भारतीय गेंदबाज पर आरोप लगाया।
दूसरे टेस्ट में 'मैन ऑफ द मैच' बने जडेजा को इससे पहले गत वर्ष अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर टेस्ट में आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया था और फिर उन पर 50 फीसदी जुर्माना भी लगाया गया था और उनके खाते में 3 अयोग्यता अंक जोड़ दिए गए थे।
इस निलंबन के बाद भी जडेजा के खाते में 6 अयोग्य अंक बने रहेंगे। जडेजा को यदि 24 महीने के दौरान 8 या उससे अधिक अयोग्य अंक मिलते हैं तो उन्हें 4 निलंबन अंक दिया जाएगा।
जडेजा ने अपराध स्वीकार कर लिया है और मैच रैफरी रिची रिचर्डसन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। (वार्ता)