Publish Date: Fri, 28 Dec 2018 (21:46 IST)
Updated Date: Fri, 28 Dec 2018 (21:54 IST)
नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल का मानना है कि इस साल शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ मिली सफलता ने भारतीय टीम में नया आत्मविश्वास भरा है और अब वह किसी का सामना करने से डरती नहीं है।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 18वें एशियाई खेलों में रजत पदक जीता और एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भी उपविजेता रही। लंदन में भी विश्व कप में टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची और राष्ट्रमंडल खेलों में चौथे स्थान पर रही।
रानी ने कहा कि हम एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे लेकिन कुल मिलाकर पिछले साल प्रदर्शन अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में इंग्लैंड को 2-1 से हराना और विश्व कप में लंदन में उनसे 1-1 से ड्रॉ खेलना और गोल्ड कोस्ट में सेमीफाइनल तक पहुंचने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है।
रानी ने कहा कि हम बड़े टूर्नामेंटों में कड़ी चुनौती दे रहे हैं। हमें विरोधी टीमें अब हलके में नहीं ले रहीं और यह हमारी इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमारी अंडर 18 टीम ने भी युवा ओलंपिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन करके रजत पदक जीता। नए खिलाड़ी उभर रहे हैं और सीनियर भी अपनी उपयोगिता बनाए रखने के लिए बेहतर प्रदर्शन को लालायित है। टीम में जगह पाने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। (भाषा)