Publish Date: Sun, 05 May 2019 (23:47 IST)
Updated Date: Mon, 06 May 2019 (09:15 IST)
बेंगलुरु। हम्पी एक्सप्रेस ट्रेन के देर से पहुंचने और कथित तौर पर बिना किसी पूर्व सूचना के परीक्षा केंद्रों में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में छात्र यहां रविवार को नीट National Eligibility Cum Entrance Test2019 (NEET) परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
परीक्षा में शामिल होने के लिए इन छात्रों ने बहुत कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत करने के बावजूद छात्र निर्धारित समय पर अपने परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच सके।
इस बीच बेंगलुरु में परीक्षा को लेकर काफी अफरा-तफरी मच गई। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी उन छात्रों और उनके माता-पिता के समर्थन में उतर आए, जिन्होंने नीट परीक्षा में बैठ नहीं पाने वाले छात्रों के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि हम्पी एक्सप्रेस ट्रेन के 7 घंटे की देरी के कारण उत्तरी कर्नाटक के जिलों से आए सैकड़ों छात्र यहां परीक्षा देने से चूक गए।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि अंतिम क्षणों में परीक्षा केंद्रों में बदलाव और उसके संबंध में उचित संचार की कमी के कारण छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल, एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस मामले में हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं कि जिन छात्रों ने आज मौका गंवाया है, उन्हें नीट 2019 परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका मिले। प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षा रविवार दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी।
उत्तरी कर्नाटक, विशेष रूप से हुबली, बल्लारी, होस्पेट और आसपास के क्षेत्रों के छात्र हम्पी एक्सप्रेस पर निर्भर थे। ट्रेन को सुबह 7 बजे बेंगलुरु पहुंचना था। हालांकि ट्रेन दोपहर बाद 3 बजे बेंगलुरु पहुंची। रेलवे के एक जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से हम्पी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पर चल रही है।