Hanuman Chalisa

सिर्फ 5 उपाय से शनि हो जाएंगे प्रसन्न, साढ़े साती और ढैय्या से डरना छोड़ें

अनिरुद्ध जोशी
ऐसा कई लोग हैं जो कि भगवान शनि के दंड से डरते हैं। कहते हैं कि भगवान शनिदेव किसी को भी नहीं छोड़ते हैं क्योंकि वे न्याय के देवता है। वे प्रत्येक व्यक्ति के बुरे कर्मों का उस दंड देते ही हैं, लेकिन यदि आपने पांच काम किए तो शनिदेव आप पर सदा प्रसन्न रहेंगे और आप उनके दंड से बच भी जाएंगे। आओ जानते हैं कि कौन से हैं वह पांच कार्य।
 
 
1.शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या कुंडली में शनि नीच का होकर बुरे फल दे रहा है तो घर में एक मिट्टी के पात्र में शहद रखना चाहिए और मंदिर में शहद का दान करना चाहिए। इससे शनि के बुरे फल मिलना बंद हो जाएंगे। घर में शहद रखने और खाने से शनि शांत रहता है। नोट- शहद की प्रकृति गर्म होती है, इसलिए गर्म तासीर के लोगों को इसके अत्यधिक प्रयोग से बचना चाहिए।
 
 
2.कभी भी किसी के लिए झूठी गवाही ना दें, ब्याज का धंधा ना करें, शराब ना पीएं, जुआ-सट्टा खेलना, ईश्वर के खिलाफ होना, धर्म का मजाक बनाना या उड़ाना, धर्म का अपमान नहीं करें, पराई स्त्री पर नजर ना रखें। किसी अंधे, गरीब, अपंग, मेहतर, सफाईकर्मी, मोची, पशु, कुत्ते, सांप, भैंस और कौए को ना सताएं। इसके अलावा चाचा-चाची, माता-पिता, सेवकों और गुरु का अपमान ना करें। घर की वायव्य दिशा गंदी ना रखें।  बाल, दांत, आंत और आंखों को साफ रखें। तहखाने की कैद हवा को मुक्त ना करें। नीले और काले कपड़े ना पहनें।
 
 
3.प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें। मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में तिल के तेल का दीया जलाएं। शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें।
 
 
4.मंदिर में चार तरह का दान करें- छायादान, जूता दान, अन्न दान और काले तिल या उड़द का दान। छायादान करें, अर्थात कटोरी में थोड़ा-सा सरसो का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में अपने पापों की क्षमा मांगते हुए रख आएं। कौवे को प्रतिदिन रोटी खिलाएं।
 
 
5.सर्वप्रथम शनि ग्रह के स्वामी भगवान भैरव से माफी मांगते हुए उनकी उपासना करें। किसी भी भैरव मंदिर में जाकर शराब या दूध चढ़ाएं। शनि की शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं। लेकिन आपको कुछ भी एक काम ही करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि सभी भगवान को साधने लगे। यह अकाट्य सत्य है कि जो हनुमानजी की शरण में रहता है उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत

नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां

लिंगायत समाज के संस्थापक बसवेश्वर महाराज के बारे में 6 रोचक बातें

मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति?

करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र

सभी देखें

नवीनतम

मेष में बनने वाला है मंगलादित्य, बुधादित्य और त्रिग्रही योग: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

Chitragupta Puja: भगवान चित्रगुप्त पूजा 2026: जानिए सही तरीके और सावधानियां

Ganga Snan 2026: गंगा स्नान, पूजा विधि, आरती, चालीसा और लाभ

Guru Pushya Yoga 2026: गुरु पुष्य योग में पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त और महत्व

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान

अगला लेख