Hanuman Chalisa

कुंभ संक्रांति 2020 : एक नजर कुंभ राशि में ग्रहों की स्थिति पर

Webdunia
2020 में कुंभ राशि के लिए ग्रह स्थितियां इस प्रकार रहेंगी
 
सूर्यः इस वर्ष 2020 में सूर्य 14 जनवरी को व्यय भाव में, 13 फरवरी को प्रथम भाव में, 14 मार्च को द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। 13 अप्रैल को तृतीय भाव में, 14 मई चतुर्थ भाव, 15 जून को पंचम भाव में, 16 जुलाई को षष्ठ भाव में, 17 अगस्त को सप्तम भाव में, 17 सितंबर  को अष्टम भाव में, 17 अक्टूबर को धर्म भाव में, 16 नवंबर को कर्म भाव में, 15 दिसंबर को आय भाव में संचरण करेगा।
 
चंद्रः चंद्र अपने गोचरीय तीव्रता के कारण सवा दो नक्षत्रों अर्थात् एक राशि में लगभग ढ़ाई दिनों पर्यंत विचरण करते रहते हैं। 
 
मंगलः मंगल इस वर्ष 2020 में 07 फरवरी को आय भाव में, 22 मार्च को व्यय भाव में संचरण करते हुए जातक व जातिकाओं में शुभाशुभ परिणाम देते रहेंगे। मंगल द्वितीया तिथि 25 अप्रैल को धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करता हुआ त्रयोदशी तिथि 05 मई को प्रथम भाव में गोचर करेगा। मंगल चतुर्दशी तिथि तथा 20 जून को द्वितीय भाव में गोचर करेगा। मंगल सप्तमी तिथि व अश्विनी नक्षत्र तथा तृतीय भाव में 21 दिसंबर में गोचर करेगा।
 
बुधः बुध की इस वर्ष 2020 में गोचरीय स्थिति इस प्रकार रहेगी। 13 जनवरी को बुध व्यय भाव में गोचर करेंगे। 30 जनवरी को प्रथम भाव में गोचर करेंगे। 17 फरवरी को वक्री गति से भ्रमण करते हुए 10 मार्च को मार्गी गति से गोचर करेंगे। बुध 15 अप्रैल अष्टमी तिथि को रेवती नक्षत्र, द्वितीय गत संचरण करेंगे। बुध 23 अप्रैल अमावस्या को अश्विनी नक्षत्र यानी तृतीय भावगत संचरण करेंगे। बुध प्रतिपदा तिथि व 8 मई को चतुर्थ भाव में गोचर वश भ्रमण करेंगे। बुध चतुर्थी तिथि तथा 26 मई को पंचम भाव में गोचर करेंगे। बुध एकादशी तिथि 30 जुलाई को षष्ठ भाव में संचरण करेंगे। बुध त्रयोदशी तथा 17 अगस्त को सप्तम भाव में गोचर करेंगे। बुध प्रतिपदा तिथि व 03 सितंबर को अष्टम भाव में गोचर करेंगे। बुध षष्ठी तथा 22 सितंबर को धर्म भाव में गोचर करेंगे। बुध चतुर्दशी तिथि विशाखा नक्षत्र तथा 29 नवंबर को कर्म भाव में संचरण करेंगे। बुध द्वितीया तिथि मूल नक्षत्र व आय भाव में 16 दिसंबर को संचरण करेंगे।
 
गुरु : गुरु वर्ष 2020 के जनवरी, फरवरी, मार्च माह में गुरु आय भाव में गोचर करते हुए रहेंगे। गुरु अष्टमी तिथि 15 अप्रैल को उत्तराषाढ़ा तथा व्यय भावगत संचरण करेंगे। गुरु उत्तराषाढ़ा के तृतीय चरण में व्यय भाव गत मई माह में संचरित होते रहेंगे। गुरु अष्टमी तिथि व उत्तराषाढ़ा के दूसरे चरण तथा व्यय भाव गत में 08 नवंबर को गोचर करेंगे। वर्ष 2020 के दिसम्बर महीने मे भी गुरू की गोचरीय स्थिति व्यय भाव गत बनी हुई रहेगी।
 
शुक्रः शुक्र ग्रह वर्ष 2020 में 08 जनवरी को प्रथम भाव में गोचर करते हुए 02 फरवरी को द्वितीय भाव में तथा इसके बाद 28 फरवरी को तृतीय भाव में गोचर करते हुए जाएंगे। शुक्र प्रतिपदा तिथि 09 अप्रैल को रोहिणी नक्षत्र तथा चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। शुक्र द्वादशी तिथि व 31 जुलाई को पंचम भाव गत गोचर करेगा। शुक्र त्रयोदशी तिथि तथा 31 अगस्त को षष्ठ भाव में गोचर करेगा। शुक्र तिथि दशमी व 26 सितंबर को सप्तम  भाव गत संचरण करेगा। शुक्र षष्ठी तिथि 22 अक्टूबर को अष्टम भाव में गोचर करेगा। शुक्र प्रतिपदा तिथि व 16 नवम्बर को धर्म भाव में संचरण करेगा। शुक्र दशमी तिथि तथा 10 दिसंबर को कर्म भाव में संचरण करेगा।
 
शनिः शनि ग्रह 2020 में 24 जनवरी को गोचर करते हुए व्यय भाव में पहुंच जाएंगे। शनि उत्तराषाढ़ा के तृतीय चरण में संचरण करेंगे। वक्री शनि उत्तराषाढ़ा के प्रथम चरण व आय भाव में पूर्णिमा तिथि व 03 अगस्त को संचरण करेंगे। शनि तिथि द्वादशी व उत्तराषाढ़ा के द्वितीय चरण में व्यय भाव में 12 नवंबर से संचरण करेंगे।
 
राहुः राहु ग्रह 2020 में आर्द्रा नक्षत्र पंचम भाव में गोचर करेंगे। राहू पूर्ववत आर्द्रा नक्षत्र के प्रथम चरण में अप्रैल माह में रहेंगे। राहु तृतीया तिथि व 20 सितंबर को मृगशिरा नक्षत्र के द्वितीय चरण व चतुर्थ भाव मे संचरण करेगा। वर्ष 2020 के दिसंबर माह में राहू चतुर्थ भाव गत ही संचरण करेगा।
 
केतुः केतु ग्रह वर्ष 2020 में मूल नक्षत्र के तृतीय चरण, आय भाव में अप्रैल माह में रहेंगे। केतू तृतीया तिथि व 20 सितंबर को ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण व धर्म भाव में संचरण करेगा। वर्ष 2020 के दिसंबर माह में केतु धर्म भाव गत ही संचरण करेगा।
 
क्या करें इस दौरान 
 
छः मुखी रूद्राक्ष को धारण करने या फिर रखने से लाभ रहेगा। 
श्री गुरु  यंत्र और लॉकेट को रखने या धारण करने से लाभ रहेगा। 
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः का जप करें या करवाएं।
भगवान विष्णु को तुलसी दल सहित पीली वस्तुएं अर्पित करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

धर्म संसार

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को सुलाने का यह है मंत्र‍

आस्था की विजय: जब पंढरपुर में एक बालक के रक्षक बने स्वयं विट्ठल

क्यों 4 महीने की योगनिद्रा में जाते हैं भगवान विष्णु? देवशयनी एकादशी पर जानें योगनिद्रा का रहस्य और विधि

Devshayani Ekadashi Katha: देवशयनी/ हरिशयनी एकादशी की व्रत कथा

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल

अगला लेख