Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
बड़े पिताजी पूना वाले,
रात आए हैं ट्रेन से।
लम्बी दूरी की थकान है,
अभी सोए हैं चैन से।
बड़े पिताजी आई.आई.टी.,
रुड़की से स्नातक हैं।
कैसे बनते क्रूज़ मिसाइल,
इसमें वे पारंगत है।
बड़े धमाके कर सकते हैं,
इक छोटे से पेन से।
बड़े पिताजी रणभूमि में,
फाइटर प्लेन उड़ाते हैं।
दुश्मन की सेना में घुसकर,
बम बरसाकर आते हैं।
श्रेष्ठ पायलेट चुने गए वे,
सीधे एक मतेन से।
हम चाहें तो बड़े पिताजी,
जैसे ही बन सकते हैं।
हम भी फाइटर प्लेन उड़ाकर,
दुश्मन को धुन सकते हैं।
दृढ निश्चय से ही होगा यह,
होगा श्रम की देन से।
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