ramcharitmanas
✕

बाल गीत : चलो धूप में बैठें हम

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
बुधवार, 18 दिसंबर 2024 (14:49 IST)
रविवार को छुट्टी सबकी,
मम्मी पापा फुर्सत हैं।
दादा-दादी तो पहले से,
धूप तापने में रत हैं।
बाई बनाती चाय नाश्ता,
किसी बात का फिर क्या गम।
 
मम्मी जी लग गईं बनाने,
कटहल का स्वादिष्ट अचार।
पापाजी को काम नहीं कुछ,
वह तो बस पढ़ते अखबार।
ले आई है बाई नाश्ता,
गरम मुगौंड़ी और चमचम।
 
ताप रहे हैं धूप मजे से,
हम सब हो हल्ला करते।
दादा-दादी बात-बात पर,
हो-हो-हो-हो कर हंसते।
इस मस्ती में बज उठती,
खुशियों की पायल छम-छम-छम।
 
कड़क ठंड में मिले धूप तो,
अहा! स्वर्ग सा सुख मिलता।
दूर कंपकपी होने लगती,
चेहरा-चेहरा खिल उठता।
अदरक वाली चाय मिले तो,
तबियत हो जाती बम-बम।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

मूर्खता भी बन सकती है कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI पर क्यों आमने-सामने हैं अमेरिका और चीन

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

विश्वास टूटता कहां है और बनता कैसे है?

अगला लेख