मां गुड़हल का फूल कहां है, लाकर मुझे दिखाओ। चित्रों वाले फूल दिखाकर, मुझको न बहलाओ। हमनें बस गेंदा गुलाब के, देखे फूल असल के। बाकी तो पुस्तक में देखे, झूठे और नकल के। चंपा और चमेली के कुछ, फूल कहीं से लाओ। सदा सुहागन, बारह मासी, नाम सुने हैं...