biodatamaker
✕

हिन्दी कविता: पृथ्वी की पुकार

सुशील कुमार शर्मा
बुधवार, 22 अप्रैल 2026 (16:11 IST)
समय की अनंत धारा में
पृथ्वी
अब भी शांत नहीं है
वह बोल रही है
अपनी दरकती मिट्टी की लकीरों में
सूखते जलस्रोतों की निस्पंद आंखों में
और उन जंगलों की स्मृतियों में
जो कभी सांस लेते थे
हमने
उसे आंकड़ों में बांट दिया
विकास के ग्राफ में तौल दिया
और समझ लिया
कि प्रगति संख्याओं का उत्सव है
पर पृथ्वी गणना नहीं
अनुभूति है
हमने वर्षा को इंचों में मापा
सेंटीमीटरों में बांधा
पर कभी
एक बूंद की धड़कन नहीं सुनी
वह बूंद
जो आकाश से गिरते समय
अपने भीतर
जीवन का समूचा संगीत लेकर आती है।
 
भारत की धरती जो कभी
नदियों की चंचलता से जीवंत थी
अब
कहीं बांधों में बंधी है
कहीं रसायनों में घुली
और कहीं
स्मृतियों में सिमटती हुई,
तालाब
जो गांवों की आत्मा थे
अब मानचित्रों में खोजे जाते हैं
कुंड और पोखर
जो पीढ़ियों की प्यास बुझाते थे
अब कंक्रीट की परतों के नीचे
दम तोड़ते हैं
हमने
जंगलों को काटकर शहर उगाए
और फिर उन्हीं शहरों में
ऑक्सीजन खोजते रहे
यह कैसी विडंबना है
कि हम
अपने ही अस्तित्व के विरुद्ध
इतने सजग हो गए हैं।
पृथ्वी
कभी विरोध नहीं करती
वह केवल संकेत देती है
कभी सूखे के रूप में
कभी बाढ़ की अति में
कभी तापमान की चुप्पी में
जो धीरे धीरे
जीवन को जला देती है
यह संकट
केवल पर्यावरण का नहीं
हमारी चेतना का है
हमने
सुविधाओं के छोटे लाभ के लिए
संतुलन की विशाल व्यवस्था को
भंग कर दिया।
 
अब आवश्यकता
नए आविष्कारों की नहीं
पुराने ज्ञान के पुनर्जागरण की है
वही तालाबों का धैर्य
वही नदियों की मर्यादा
वही जंगलों की सहनशीलता
हमें पानी को
फैशन नहीं
संस्कार बनाना होगा
धरती को संपत्ति नहीं
मातृत्व की दृष्टि से देखना होगा।
आज
पृथ्वी दिवस पर
यह केवल उत्सव नहीं
एक स्वीकार है
कि हमने भूल की है
और अब सुधार का समय है
यदि हम
अब भी न चेते
तो आने वाली पीढ़ियां
पृथ्वी को नहीं
उसकी कथा को जिएंगी।
 
आओ
हम मिलकर
इस अस्मिता को पुनः रचें
धरती की धड़कनों को
फिर से सुनें
ताकि
जब अगली वर्षा हो
तो हर बूंद
हमारे भीतर
जीवन बनकर उतरे
और यह पृथ्वी
फिर से
केवल रहने की जगह नहीं
जीने का उत्सव बन सके।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

अगला लेख