Hanuman Chalisa

दीपावली विशेष कविता : तम का शासन होवे नत

Webdunia
- दुलीचंद जैन 'साहित्यरत्न' 


 
मुकुलित विकसित पुष्पों-सा
प्रमुदित सबका जीवन हो
बालारूण1 सी आभा से
पूरित सबके मानस हो।
 
सबकी वाणी में गूंजें
निशि दिन चेतनता के स्वर
चिंताओं से धूमाकुल2 
होवे ना कोई अंतर।
 
उत्साह, शौर्य, कर्मठता के
भाव हृदय में आए
तप और त्याग की सौरभ
से उर कलिका3 भर जाए। 
 
आशा के दीपक से हो
आलोकित जीवन का पथ
जग में फैलाए प्रकाश
तम4 का शासन होवे नत।
 
1. बालारूण- सुबह का सूरज, 2. धूमाकुल- धुएं से परेशान, 3. उर कलिकाएं- मन की कली, 4. तम- अंधेरा।

साभार- देवपुत्र
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

सभी देखें

नवीनतम

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश

31 मई 1893 भारत के आत्मगौरव और स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा

World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर

Ahilyabai Holkar Jayanti: रानी अहिल्याबाई की 301वीं जयंती, जानें इतिहास, प्रेरणादायी विचार और शुभकामनाएं

Ahilyabai Holkar जयंती: नारी शक्ति, न्याय और सेवा का प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होलकर

अगला लेख