Publish Date: Tue, 31 Oct 2023 (13:25 IST)
Updated Date: Tue, 31 Oct 2023 (16:25 IST)
karva chauth shubh yog and muhurat : कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर करवा चौथा का व्रत रखा जाता है। कैलेंडर के अनुसार इस बार 1 नवंबर 2023 को यह पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन 4 शुभ योग बन रहे हैं जो इस त्योहार को और भी महत्वपूर्ण बान रहे हैं। ऐसे में इस दिन महिलाओं को 3 काम जरूर करना चाहिए।
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करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:05 बजे से लेकर शाम 07:21 बजे तक है।
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करवा चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग, परिघ योग, शिव योग और बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है।
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करवा चौथ का चांद दिल्ली टाइम अनुसार रात्रि 08 बजकर 15 मिनट पर निकलेगा।
करवा चौथ की तिथि:-
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ- 31 अक्टूबर 2023 को रात्रि 09 बजकर 30 मिनट पर।
चतुर्थी तिथि समाप्त- 01 नवम्बर 2023 को रात्रि 09 बजकर 19 मिनट तक।
कब है करवा चौथ 2023: 1 नवंबर 2023 को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा।
करवा चौथा पूजा का शुभ मुहूर्त:-
करवा चौथ व्रत समय: सुबह 06:39 से रात्रि 08:59 तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 से दोपहर 12:31 तक।
अमृत काल: दोपहर 02:06 से 03:49 तक।
करवा चौथ पूजा मुहूर्त: शाम को 06:05 से 07:21 तक।
करवा चौथ पर शुभ योग:-
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 06:56 से पूरे दिन और रात।
परिघ योग : परिघ योग दोपहर 02:06 तक।
शिव योग : दोपहर 02:06 से शिव योग अगले दिन तक।
बुधादित्य : इस दिन सूर्य और बुध एक साथ तुला राशि में।
करवा चौथ चंद्रदोदय का समय:-
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय (दिलई टाइम अनुसार): रात्रि 08 बजकर 15 मिनट पर।
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय (मुंबई टाइम अनुसार): रात्रि 08 बजकर 59 मिनट पर।
कर लें ये 3 विशेष कार्य:-
1. करवा चौथ के दिन गणेशजी को घी-गुड़ का भोग लगाकर आर्थिक विघ्नों को दूर करने के लिए प्रार्थना करें। पूजा के बाद घी और गुड़ किसी गाय को खिला दें। धन संबंधी समस्याएं दूर होने लगती हैं।
2. यदि पति-पत्नी में प्रेम कम हो गया हो तो करवा चौथ के दिन 11 गोमती चक्रों को लाल रंग की सिन्दूर की डिब्बी में रखकर घर में कहीं छुपाकर रखें। इस उपाय से कुछ ही समय में उनके बीच के सभी प्रकार के क्लेश दूर हो जाएंगे और दोबारा प्रेम भाव हो जाएगा।
3. यदि आपका जीवनसाथी आपकी उपेक्षा करता है तो करवा चौथ के दिन 5 बेसन के लड्डू, आटे और चीनी से बने 5 पेड़े, 5 केले, 250 ग्राम चने की भीगी दाल किसी गाय को अपने हाथों से खिलाएं और उसकी पीठ पर हाथ फेरते हुए समस्या को दूर करने की प्रार्थना करें।