Publish Date: Wed, 13 Apr 2022 (17:52 IST)
Updated Date: Wed, 13 Apr 2022 (18:14 IST)
हनुमान जन्मोत्सव 2022 : चैत्र माह की शुक्ल पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार 16 अप्रैल शनिवार को यह मनाया जाएगा। हनुमान जन्म उत्सव पर हनुमानजी की पूजा कर रहे हैं जो जान लें 10 नियम और 10 सावधाधियां।
हनुमान पूजा के नियम (rules of hanuman worship):
1. हनुमान पूजा में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा स्थल की साफ सफाई अच्छे से कर लें।
2. हनुमान पूजा को विशेष मुहूर्त में ही करें या सुबह और शाम को ही करें।
3. हनुमान पूजा में उपयोग किए गए फूल लाल रंग के रखें।
4. पूजा के के लिए दीपक में जो बाती लगाई जा रही है वह भी लाल सूत (धागे) की होनी चाहिए।
5. हनुमानजी को गुड़ और चने का प्रसाद जरूर अर्पित करें। इसके आलावा चाहें तो केसरिया बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, चूरमा, मालपुआ या मलाई मिश्री का भोग लगाएं।
6. हनुमान पूजा में आरती के बाद हनुमान चालीसा के अलावा यदि आप बजरंगबाण या सुंदरकाण्ड का पाठ कर रहे हैं तो नियम जान लें।
7. हनुमानजी की पूजा के साथ ही माता अंजनी, जानकरी, श्रीराम और लक्ष्मण की पूजा करना भी जरूरी रहता है।
8. हनुमान पूजा के दौरान जो दीपक जला रहे हों उसमें चमेली का तेल या शुद्ध घी होना चाहिए।
9. सिर्फ एक वस्त्र पहनकर ही उनकी पूजा करें।
10. हनुमान मूर्ति या चित्र को लकड़ी के पाठ पर लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित करें और खुद कुश के आसन पर बैठकर ही पूजा करें।
हनुमान पूजा की 10 सावधानियां- (10 Precautions Of Hanuman Puja) :
1. जिस दिन पूजा करना हो उसके एक दिन पूर्व से ही मांस, मदिरा आदि का सेवन करना छोड़ दें।
2. जिस दिन पूजा करना हो उसके एक दिन पूर्व से ही ब्रह्मचर्य का पालन करना प्रारंभ करें और मन में किसी भी प्रकार का कामुक विचार न रखें।
3. हनुमान पूजा के बीच में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्सपन्न न हो इसका ध्यान रखें।
4. यदि घर में सूतककाल चल रहा है तो पूजा न करें।
5. हनुमान पूजा में तुलसी, चरणामृत या पंचामृत का उपयोग नहीं करें।
6. महिलाएं हनुमानजी को वस्त्र, जनेऊ या चोला अर्पित न करें।
7. महिलाओं को महावारी के दौरान पूजा से दूर रहना चाहिए।
8. हनुमानजी की किसी भी प्रकार से तांत्रिक पूजा नहीं की जानी चाहिए।
9. हनुमानजी का व्रत रख रहे हैं तो नमक, मिर्च और अनाज के सेवन से बचें।
10. हनुमानजी को अर्पित किए गए भोग या प्रसाद शुद्ध घी में बने हुए होना चाहिए।
पूजा का सबसे सही तरीका- कैसे करें हनुमान पूजा (How to do Hanuman Puja) :
1. प्रात:काल स्नान-ध्यान से निवृत हो व्रत का संकल्प लें और पूजा की तैयारी करें।
2. नित्य कर्म से निवृत्त होने के बाद हनुमानजी की मूर्ति या चित्र को लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लकड़ी के पाट पर रखें और आप खुद कुश के आसन पर शुद्ध और पवित्र वस्त्र पहनकर बैठें।
3. मूर्ति को स्नान कराएं और यदि चित्र है तो उसे अच्छे से साफ करें। इसके बाद धूप, दीप प्रज्वलित करके पूजा प्रारंभ करें।
4. हनुमानजी को अनामिका अंगुली से तिलक लगाएं, सिंदूर अर्पित करें, गंध, चंदन आदि लगाएं और फिर उन्हें हार और फूल चढ़ाएं।
5. अच्छे से पंचोपचार पूजा करने के बाद उन्हें प्रसाद या नैवेद्य (भोग) अर्पित करें। नमक, मिर्च और तेल का प्रयोग नैवेद्य में नहीं किया जाता है।
6. अंत में हनुमानी की आरती उतारें और उनकी आरती करें। उनकी आरती करके नैवेद्य को पुन: उन्हें अर्पित करें और अंत में उसे प्रसाद रूप में सभी को बांट दें।