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क्या महिलाएं हनुमानजी की पूजा कर सकती हैं?

WD Feature Desk
मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 (10:20 IST)
Worship Lord Hanuman: हनुमान जी सदा ब्रह्मचारी रहें। धार्मिक मान्यतानुसार पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ महिलाएं हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं, हनुमान चालीसा और अन्य स्तोत्रों का पाठ कर सकती हैं, उन्हें भोग लगा सकती हैं और उनकी आरती कर सकती हैं। बस उन्हें कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है, ताकि भगवान हनुमान जी के ब्रह्मचर्य का सम्मान बना रहे। अत: सबसे महत्वपूर्ण है मन की पवित्रता और सच्ची श्रद्धा के साथ ही हनुमान जन्मोत्सव पर और अन्य अवसरों पर महिलाएं हनुमान जी की सेवा कर कृपा पा सकती हैं।ALSO READ: ये मंत्र सुनते ही प्रसन्न हो जाते हैं हनुमान जी, जानिए कौन सा है ये चमत्कारी मंत्र
 
हनुमानजी को शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। हिंदू धर्म में महिलाओं को भी समान अधिकार प्राप्त हैं और वे भगवान हनुमान की पूजा कर सकती हैं। हनुमानजी की पूजा से आस्था, शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। अत: जी हां, महिलाएं हनुमानजी की पूजा कर सकती हैं। 
 
आइए इस लेख के माध्यम से यहां जानते हैं ध्यान रखने योग्य कुछ बातें...ALSO READ: हनुमान जयंती पर कौन सा पाठ करें जिससे कि हनुमानजी तुरंत हो जाएं प्रसन्न
 
1. मूर्ति स्पर्श: महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए। उन्हें दूर से ही प्रणाम करना चाहिए। अत: मूर्ति को स्पर्श न करें। 
 
2. पैर न छुएं: साथ ही पूजा करते समय हनुमान जी के पैरों को छूना भी वर्जित माना गया है। इसीलिए उनके पैरों को न छुएं। 
 
3. पंचामृत स्नान: महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान नहीं कराना चाहिए।
 
4. चोला या वस्त्र अर्पित न करें: हनुमान जी को चोला अर्थात् सिंदूर और तेल का मिश्रण और वस्त्र अर्पित करने की परंपरा पुरुषों द्वारा निभाई जाती है। महिलाएं इसे किसी पुरुष सदस्य से करवा सकती हैं। लेकिन खुद न चढ़ाएं।
 
5. जनेऊ अर्पित न करें: यज्ञोपवीत या जनेऊ भी पुरुषों द्वारा धारण किया जाता है और हनुमान जी को अर्पित करने का अधिकार भी पुरुषों को ही है।
 
6. सिंदूर न चढ़ाएं: महिलाओं को सीधे हनुमान जी को सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए।
 
7. व्रत: कुछ स्त्रियां हनुमान जी का व्रत रखती हैं, लेकिन इसके नियम पुरुषों के व्रत से थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
 
8. मासिक धर्म: महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान जी की पूजा और मंदिर जाने से बचना चाहिए।
 
9. प्रणाम करने का तरीका: कुछ मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को हनुमान जी के सामने झुककर प्रणाम नहीं करना चाहिए, बल्कि हाथ जोड़कर प्रणाम करना अधिक उचित है, क्योंकि हनुमान जी सभी महिलाओं को माता सीता के समान सम्मान देते हैं।
 
10. बजरंग बाण का पाठ: कुछ मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को बजरंग बाण का पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह अत्यधिक ऊर्जावान माना जाता है। हालांकि, वे हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और अन्य स्तोत्रों का पाठ कर सकती हैं।ALSO READ: हनुमान जी का तिलक क्यों माथे की जगह गले पर लगाती हैं महिलाएं, जानिए कारण

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