Publish Date: Tue, 19 Apr 2022 (19:35 IST)
Updated Date: Tue, 19 Apr 2022 (19:44 IST)
हर घर में हनुमानजी की मूर्ति या चित्र होते हैं। हनुमानजी का हर चित्र किसी न किसी के कारण ही लगाया जाता है। उस कारण या समस्या को जानकर ही चित्र या मूर्ति रखें। घर में हनुमानजी के चित्र कहां और किस प्रकार के लगाएं यह जानना जरूरी है। आओ आज हम आपको बताते हैं श्रीहनुमानजी के चित्र लगाने के कुछ नियम...
नियम:- Hanuman idol Rules
1. साफ सफाई जरूरी : यदि आपने हनुमानजी का चित्र या मूर्ति को घर में रखा है तो उसकी पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चत करना जरूरी है। चित्र है तो वह अच्छे से फ्रेम में जड़ा हुआ होना चाहिए। मूर्ति है तो प्रतिदिन उसकी साफ सफाई करना जरूरी है।
2. धूप-दीप दें : चित्र या मूर्ति के समक्ष प्रतिदिन धूप-दीप देना भी जरूरी है।
3. पूजा घर में ईशान कोण में ही रखें मूर्ति : शास्त्रों के अनुसार हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी हैं और इसी वजह से उनका चित्र या मूर्ति को शयनकक्ष में न रखकर घर के मंदिर में या किसी अन्य पवित्र स्थान पर रखना शुभ रहता है। शयनकक्ष में रखना अशुभ है।
4. सिंदूर और चौला : पत्थर की मूर्ति है तो उस पर सिंदूर लगाना और चौला चढ़ाना जरूरी होता है। धातु की मूर्ति की साफ सफाई का ध्यान रखें।
5. मूर्ति या चित्र का करें सोच-समझकर चयन :-
हनुमानजी के कई तरह के चित्र या मूर्तियां हैं। सभी का अलग अलग महत्व और लाभ है। जैसे- छाती चिरते हुए, रावण की सभा में अपनी पूंछ के आसन पर बैठे हनुमानजी, लंका दहन करते हनुमान, सीता वाटिका में अंगुठी देते हनुमानजी, गदा से राक्षसों को मारते हनुमानजी, विशालरूप दिखाते हुए हनुमानजी, आशीर्वाद देते हनुमानजी, राम और लक्षमण को कंधे पर उठाते हुए हनुमानजी, रामायण पढ़ते हनुमानजी, सूर्य को निगलते हुए हनुमानजी, बाल हनुमानजी, समुद्र लांगते हुए हनुमानजी, श्रीराम-हनुमानजी मिलन, सुरसा के मुंह से सूक्ष्म रूप में निकलते हुए हनुमानजी, पत्थर पर श्रीराम नाम लिखते हनुमानजी, लेटे हुए हनुमानजी, खड़े हनुमानजी, शिव पर जल अर्पित करते हनुमानजी, रामायण पढ़ते हुए हनुमानजी, अखाड़े में हनुमानजी शनि को पटकनी देते हुए, श्रीकृष्ण रथ के उपर बैठे हनुमानजी, गदा को कंधे पर रख एक घुटने पर बैठे हनुमानजी, पाताल में मकरध्वज और अहिरावण से लड़ते हनुमानजी, हिमालय पर हनुमानजी, दुर्गा माता के आगे हनुमानजी, तुलसीदासजी को आशीर्वाद देते हनुमानजी, अशोक वाटिका उजाड़ते हुए हनुमानजी, श्रीराम दरबार में नमस्कार मुद्रा में बैठे हनुमानजी आदि।
1. दक्षिणमुखी हनुमान : वास्तु के अनुसार हनुमानजी का चित्र हमेशा दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए लगाना चाहिए। यह चित्र बैठी मुद्रा में लाल रंग का होना चाहिए।
2. उत्तरामुखी हनुमान : हनुमानजी की जिस फोटो का उनका मुख उत्तर दिशा की ओर होता है, वह उत्तरामुखी हनुमानजी स्वरूप है। इस स्वरूप की पूजा करने पर सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
3. पंचमुखी हनुमान : वास्तुविज्ञान के अनुसार पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति या चित्र जिस घर में होती है वहां उन्नति के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और धन संपत्ति में वृद्घि होती है। इनका मुख भी दक्षिण पश्चिम दिशा की तरफ हो।
4. रामदरबार : बैठक रूम में आप श्रीराम दरबार का फोटो लगाएं, जहां हनुमानजी प्रभु श्रीरामजी के चरणों में बैठे हुए हैं। रामदरबार से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
5. पर्वत उठाते हुए हनुमान का चित्र : यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें साहस, बल, विश्वास और जिम्मेदारी का विकास होगा।
6 उड़ते हुए हनुमान : यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपकी उन्नती, तरक्की और सफलता को कोई रोक नहीं सकता। आपमें आगे बढ़ने के प्रति उत्साह और साहस का संचार होगा। निरंतर आप सफलता के मार्ग पर बढ़ते जाएंगे।
7. श्रीराम भजन करते हुए हनुमान : यदि यह चित्र आपके घर में है तो आपमें भक्ति और विश्वास का संचार होगा। यह भक्ति और विश्वास ही आपके जीवन की सफलता का आधार है। इससे एकाग्रता और शक्ति भी बढ़ती है।
8. सफेद हनुमान : मान्यता है कि नौकरी और प्रमोशन पाने के लिए हनुमानजी की ऐसी फोटो लगाएं जिसमें उनका स्वरूप सफेद हो। आपने देखा भी होगा यह फोटो जिसमें उनके शरीर पर सफेद बाल हैं।
9. राम मिलन हनुमान : हनुमान जी राम के गले मिल रहे हैं। यह भी अद्भत चित्र है जिससे पारिवार में एकता और समाज में मिलनसारीता बनी रहती है। इससे प्रेम के भाव का विकास होता है।
10. ध्यान करते हनुमानजी : ऐसे हनुमान जो आंख बंद कर ध्यान कर रहे हैं। यदि चित्र लगाने से आपके मन में भी शांति और ध्यान का विकास होगा। हालांकि यह चित्र तब ही लगाएं जबकि आपको ध्यान और मोक्ष जैसी कोई चाहत हो।
11. संकटमोचन हनुमान : दाएं घुटने के बल पर बैठे और आशिर्वाद देते हुए हनुमान जा चित्र आपने देखा ही होगा यह संकटमोचन हनुमान का चित्र है। इसे घर में दक्षिण दिशा में लगाने से किसी भी प्रकार का संकट द्वार पर नहीं फटकता है।
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Publish Date: Tue, 19 Apr 2022 (19:35 IST)
Updated Date: Tue, 19 Apr 2022 (19:44 IST)