biodatamaker

krishna janmashtami 2024: श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2024 पर क्या है निशीथ पूजा का मुहूर्त?

krishna janmashtami 2024: कब है कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

WD Feature Desk
बुधवार, 21 अगस्त 2024 (14:56 IST)
Krishna janmashtami 2024: भाद्रपद के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी के दिन श्रीकृष्‍ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार कृष्‍ण जन्माष्टमी का पर्व  26 अगस्त 2024 सोमवार को मनाया जाएगा। इस बार भगवान श्रीकृष्ण का यह 5251वां जन्मोत्सव रहेगा। भगवान श्री कृष्ण की पूजा रात्रि में शन्यू काल या निशिथ काल में की जाती है। यानी रात्रि में भगवान श्रीकृष्‍ण का जब जन्म हुआ था उस समय में मंदिरों और घरों में पूजा होती है।ALSO READ: Rakhi janmashtami 2024: जन्माष्टमी पर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त कौन से हैं?
 
अष्टमी तिथि प्रारम्भ- 26 अगस्त 2024 को 03:39 एएम बजे।
अष्टमी तिथि समाप्त- 27 अगस्त 2024 को 02:19 एएम बजे।
 
निशीथ पूजा का समय:- 12:01 एएम से 12:45 एएम (27 अगस्त)
 
रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ- 26 अगस्त 2024 को दोपहर 03:55 बजे से।
रोहिणी नक्षत्र समाप्त- 27 अगस्त 2024 को दोपहर 03:38 बजे तक।
 
26 अगस्त 2024 को पूजा के अन्य शुभ मुहूर्त:-
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:27 से 05:12 तक।
प्रातः सन्ध्या: प्रात: 04:50 से 05:56 तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:23 तक।
अमृत काल: दोपहर 01:36 से 03:09 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:49 से 07:11 तक।
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:49 पीएम से 07:56 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 03:55 से अगले दिन सुबह 05:57 तक।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

भविष्य मालिका में पाकिस्तान को लेकर क्या लिखा है? जानिए इस देश के भविष्य को लेकर की गई बड़ी भविष्यवाणी

भौम प्रदोष पर बन रहा खास संयोग, कर्ज से मुक्ति के लिए करें ये उपाय; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

श्रावण मास का चतुर्थ मंगला गौरी व्रत, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और उपाय

उज्जैन महाकाल की चतुर्थ और सावन सोमवार की अंतिम सवारी, इस बार अलग होगी पालकी की छटा

Sawan Somwar 2026: श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व जानें

अगला लेख