POK स्थित हिज्बुल के 5 आतंकियों की रामबन में संपत्ति जब्त, बना रहे थे धन जुटाने की योजना

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025 (17:01 IST)
बनिहाल/जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के 5 आतंकियों की रामबन जिले के गूल इलाके में अचल संपत्तियों को जब्त (seized) कर लिया है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
 
प्रवक्ता ने कहा कि संगलदान के सराज दीन (48), दलवाह के रेयाज अहमद (45), बंज भीमदस्सा के फारूक अहमद (46), मोइला के मोहम्मद अशरफ (50) और मुश्ताक अहमद (47) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चले गए हैं और वहां से काम कर रहे हैं।ALSO READ: जंगल में छिपे आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर की गोलीबारी, तलाश अभियान जारी
 
आतंकवाद के लिए धन जुटाने की योजना बना रहे थे : प्रवक्ता के अनुसार ये आतंकी अपनी संपत्तियों को बेचकर आतंकवाद के लिए धन जुटाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि गूल क्षेत्र के इन 5 आतंकियों की अचल संपत्तियों की जब्ती आतंकवादी वित्तपोषण नेटवर्क को ध्वस्त करने और क्षेत्र में आतंकवाद की वापसी को रोकने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे यह सख्त संदेश जाता है कि पीओके में बैठे आतंकी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फिर से बढ़ावा नहीं दे सकते।ALSO READ: जंगल में छिपे आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर की गोलीबारी, तलाश अभियान जारी
 
पुलिस के अनुसार पांचों आतंकवादी हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त करने और भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पीओके चले गए थे। खुफिया रिपोर्टों में यह संकेत मिला कि वे अपनी अचल संपत्तियों को बेचने की फिराक में थे जिससे मिले पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को उकसाने के लिए किया जाना था।
 
संपत्तियों की बिक्री पर प्रतिबंध : गूल के अनुभागीय पुलिस अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत जब तक कि जम्मू-कश्मीर पुलिस या अन्य अधिकृत संस्थाएं इसकी अनुमति न दें तब तक, इन संपत्तियों की बिक्री, पट्टा या किसी अन्य प्रकार के लेन-देन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
 
प्रवक्ता ने कहा कि इस जब्ती से हिज्बुल मुजाहिदीन की फंडिंग पर सीधा असर पड़ेगा जिससे वे क्षेत्र में अपने प्रभाव को फिर से कायम नहीं कर पाएगा। इन आतंकियों के परिवारों को भी अब कानूनी और आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा जिससे वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन नहीं कर सकेंगे।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

मोदी-शाह मुझे बम दें, पाकिस्तान में मचा दूंगा तबाही, कर्नाटक के वक्फ और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने मांगी इजाजत

पहलगाम आतंकी हमले का बड़ा बदला, ताबड़तोड़ एक्शन से घबराया पाकिस्तान, भारत का बड़ा वार

इमरान खान के साथ जेल में मेजर ने किया कुकर्म, सामने आया चौंकाने वाला सच

पहलगाम हमला आर्मी चीफ आसिम मुनीर की साजिश, पाकिस्तान के पूर्व मिलिट्री ऑफिसर के दावे से खलबली

भारत और पाकिस्तान के बीच गहराते संकट को चीन कैसे देख रहा है?

सभी देखें

नवीनतम

रूस में बोला पाक राजदूत खालिद जमाली, भारत के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल

जाति जनगणना पर कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल, क्या बदल दी पॉलिसी?

Pahalgam Attack के बाद अब तक 39 लोग गिरफ्तार, असम में कर रहे थे पाकिस्तान का समर्थन

योग गुरु स्वामी शिवानंद का निधन, 128 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

LIVE: वायुसेना प्रमुख एपी सिंह की पीएम मोदी से मुलाकात

अगला लेख
More