Publish Date: Tue, 01 May 2018 (14:35 IST)
Updated Date: Wed, 02 May 2018 (09:57 IST)
नई दिल्ली। आठ मैचों में से छह हारकर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंची दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल में बुधवार का मैच और इसके बाद से हर मैच ‘करो या मरो’ की तरह होंगे।
गौतम गंभीर के कप्तानी छोड़ने के बाद श्रेयस अय्यर को दिल्ली की कमान सौंपी गई जिसने 40 गेंद में नाबाद 93 रन बनाकर फिरोजशाह कोटला मैदान पर पिछले मैच में टीम को केकेआर पर 55 रन से जीत दिलाई थी।
चेन्नई सुपर किंग्स ने हालांकि कल उसे 13 रन से हराकर वापसी की उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया। अब अय्यर को अपनी टीम को हर मैच जीतने के लिए प्रेरित करना होगा ताकि टूर्नामेंट में उसका वजूद बना रहे।
अय्यर का जल्दी आउट होना कल दिल्ली पर भारी पड़ा। ऋषभ पंत के 45 गेंद में 79 रन और विजय शंकर के 31 गेंद में नाबाद 54 रन और भी टीम को 212 रन के लक्ष्य तक नहीं ले जा सके।
अय्यर ने अभी तक 306 और पंत ने 257 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में ट्रेंट बोल्ट 11 विकेट ले चुके हैं लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला।
शंकर ने कहा, 'एक टीम के तौर पर हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन छोटी छोटी गलतियां भारी पड़ रही है। हम चेन्नई के खिलाफ विशाल लक्ष्य हासिल करने के करीब पहुंचे। अपनी ओर से पूरी कोशिश की।'
दूसरी ओर राजस्थान रायल्स सात मैचों में छह अंक लेकर पांचवें स्थान पर है। अजिंक्य रहाणे की टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। एक मैच जीतने के बाद उसने एक गंवाया है और प्लेआफ में पहुंचने के लिए उसे अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वे 152 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सके और 11 रन से हार गए। इस मैच में रहाणे ने 65 और संजू सैमसन ने 40 रन बनाये लेकिन बाकी बल्लेबाज नहीं चल सके।
बेन स्टोक्स और जोस बटलर के खराब प्रदर्शन का भी रॉयल्स को खामियाजा भुगतना पड़ा। गेंदबाजों में जोफ्रा आर्चर का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन स्पिनर श्रेयस गोपाल और के गोथम प्रभावित नहीं कर सके। (भाषा)