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सूर्य ग्रहण से पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 250 की मौत और 3000 लापता; 21 आफ्टरशॉक से दहशत

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colombia earthquake
Colombia Earthquakes : सूर्य ग्रहण से पहले दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। 7.4 तीव्रता के इस भूकंप से कई इमारतें तबाह हो गई। भूकंप से 250 लोगों की मौत की मौत हो गई और 3000 लोग अब भी लापता हैं। शक्तिशाली भूंकप के बाद से कोलंबिया में 21 और झटके लगे हैं। ALSO READ: Solar eclipse 2026: सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण, छा जाएगा इन देशों में दिन में अंधेरा, भारत पर क्या होगा असर?
 
भूकंप के झटकों के कारण लोगों को अपने घरों और इमारतें खाली करनी पड़ीं। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा और पड़ोसी देश वेनेदुएला और इक्वाडोर तक महसूस किए गए।
 
भूकंप का केंद्र बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में सैन होजे डेल पाल्मर के पास था। कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.4 थी और यह 79 किलोमीटर की गहराई पर आया था। ALSO READ: पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: कब लगेगा, सूतक काल कितने घंटे रहेगा? जानें समय, कहां दिखेगा और राशियों पर असर
 
हालांकि भूकंप केंद्र सैन होजे डेल पाल्मर के पास था, लेकिन राजधानी क्विबडो में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। UNGRD ने कहा कि वह नुकसान के स्तर का पता लगाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। 
कुइब्दो प्रांत की राजधानी चोको की गवर्नर नूबिया कोर्डोबा ने इंटरनेट मीडिया पर बताया कि बड़ी संख्या में भवनों को नुकसान हुआ है और लोग घायल हुए हैं। यह शहर एक लाख तीस हजार की आबादी वाला है और देश के प्रमुख शहरों में उसकी गिनती होती है। उन्होंने ऑफ्टर शॉक को लेकर भी चिंता जताई।

क्या ग्रहण से है भूकंप का कनेक्शन?

आज 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण है। ग्रहण से एक दिन पहले कोलंबिया में भीषण भूकंप आया। इससे पहले भी कई बार ग्रहण के आसपास बड़े भूकंप आए हैं। 8 अप्रैल 2024 को सूर्य ग्रहण के पहले अमेरिका के ईस्ट कोस्ट में बड़ा भूकंप आया था। इसी तरह मार्च 2025 में भी ग्रहण से एक दिन पहले ही म्यांमार और थाईलैंड में भीषण भूकंप आया। इसमें 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। मार्च 2026 में भी चंद्र ग्रहण से पहले इंडोनेशिया में 6.2 की तीव्रता वाला भूकंप आया था।
 
ज्यो‍तिष मान्यता के अनुसार ग्रहण के 40 दिन पूर्व तथा 40 दिन बाद अर्थात उक्त ग्रहण के 80 दिन के अंतराल में भूकंप कभी भी आ सकता है। कभी कभी ग्रहण के 15 दिन पूर्व या 15 दिन पश्चात भूकंप आ जाते हैं। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रहण और भूकंप का कोई डायरेक्ट कनेक्शन नहीं है। ये दोनों घटनाएं अलग अलग प्राकृतिक प्रक्रियाओं का परिणाम है।

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