Publish Date: Sun, 03 Dec 2017 (13:51 IST)
Updated Date: Sun, 03 Dec 2017 (20:24 IST)
लॉस एंजिलिस। वैज्ञानिकों ने हैकिंग पर रोक लगाने के लिए एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो हैकिंग को अंजाम देने वाले प्रोग्राम को केवल अवरोधित करने की बजाए उसके सामने एक वैकल्पिक वास्तविकता रखता है यानि हैकरों को गुमराह करने के लिए उन्हें गलत डेटा उपलब्ध कराता है।
अमेरिका की सांदिया नेशनल लैबोरेट्रीज में अनुसंधानकर्ताओं द्वारा विकसित हाई फिडेलिटी अडेप्टिव डिसेप्शन एंड इम्यूलेशन सिस्टम (हेड्स) हैकर को ऐसी जानकारी देता है जिनपर वह भरोसा करे लेकिन उसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता।
सैंडिया नेशनल लैबोरेट्रीज के विंस यूरियाज ने कहा, 'हैकर को रोक देना मात्र लगभग व्यर्थ है। विषमताएं हैकर के पक्ष में होती हैं जैसे हमें उसका प्रवेश रोकने के लिए कई संभावित प्रवेश बिंदुओं को सुरक्षित करना होता है और एक हैकर को प्रवेश के लिए केवल एक बिंदु चाहिए होता है।'
किसी डेटा स्रोत से एक हैकिंग प्रोग्राम को संक्षिप्त रूप से निकालने की बजाए, ऐसे प्रोग्राम को आसानी से हेड्स में ले जाया जाता है जहां हूबहू तैयार की गई हार्ड ड्राइव, मेमोरी और डेटा संग्रह वास्तविक जानकारियों का आभास कराते हैं। बहरहाल, कुछ जानकारियों में प्रत्यक्ष रूप से नहीं लेकिन एहतियातन बदलाव किए जाते हैं। (भाषा)