Publish Date: Sat, 11 Nov 2017 (16:59 IST)
Updated Date: Sat, 11 Nov 2017 (17:07 IST)
वाशिंगटन। अमेरिका में गन लॉबी और राजनीतिक दलों के समर्थन के चलते लोगों को हथियार खरीदने की कितनी स्वतंत्रता है, इसे इसी तथ्य से जाना जा सकता है कि इस कॉलोराडो स्प्रिंग्स कम्पाउंड में रहने वाले मेल बर्नस्टीन के पास चार हजार से अधिक हथियार हैं।
इस 71 वर्षीय व्यक्ति का दावा है कि अमेरिकी इतिहास में भयानक सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं के बावजूद वह पिछले आठ माह में जितनी गन्स बेची गईं, उनसे अधिक तो वह मात्र तीन हफ्ते में ही बेच चुका है। विदित हो कि इस दौरान सदरलैंड, टैक्सास, लास वेगास और कोलम्बाइन हाई स्कूल में बड़े पैमाने पर सामूहिक गोलीबारी हो चुकी है जिनमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
उनकी हथियारों की दुकान, ड्रैगन्समैन्स, में पिछले तीन सप्ताह में वे इतने हथियार बेच चुके हैं जितने कि उन्होंने पिछले आठ माह में भी नहीं बेचे है। इससे समझा जाता है कि अमेरिका में कितने बड़े पैमाने पर हथियारों की बिक्री होती है।
उल्लेखनीय है कि बर्न्सस्टीन उस तरह की बंदूकें बेचते हैं जिनका उपयोग सदरलैंड टेक्सास, लास वेगास और कोलम्बाइन हाई स्कूल की सामूहिक गोलीबारी में किया गया। डेलीमेल डॉट कॉम के लिए मॉली काहिलाने लिखती हैं कि मेल को तब सबसे ज्यादा हथियारों वाला आदमी जाना गया जबकि उसके पास हजारों की संख्या में हाई पॉवर्ड वेपन्स, बाजूकाज (टेंकरोधी गोले दागने वाली लंबी बंदूक) और मशीन गन्स होने का पता लगा। उसकी दुकान में ड्रैगनलैंड में एक गन शॉप, छह शूटिंग रैंजेस, मिलिटरी म्यूजियम, मोटोक्रॉस पार्क और उनका घर है।
एबीसी से बात करते हुए उसने कहा कि ' वे (गन्स) 185 डॉलर प्रति नग थी लेकिन अक्टूबर 1 के हमले के बाद हमने सारी बंदूकें बेच दी थीं।' विदित हो कि देश में 26 करोड़ 50 लाख गन्स मौजूद हैं और अनुमान है कि अमेरिका में प्रत्येक व्यक्ति के पास औसतन 17 बंदूकें होती हैं। अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स और विस्फोटकों का हिसाब रखने वाले फेडरल ब्यूरो का कहना है कि वे इस तथ्य की पुष्टि करने की हालत में नहीं हैं। बर्नस्टीन की पत्नी, टेरी फ्लेनल, की प्रॉपटी पर ही उस समय मौत हो गई थी जबकि न्यू डिस्कवरी चैनल के एक प्रमोशनल फिल्म बनाई जा रही थी।
इस फिल्मिंग के दौरान जब दो स्मोक बम फेंके गए थे तो वे इनकी चपेट में आ गई थीं और गोलों की मार से उनकी मौत हुई थी जोकि प्रति घंटा 150 मील की गति से फैंके गए थे। मेल अपने घर में महिलाओं के कई पुतले रखते हैं। उनसे जब पूछा गया कि वे ऐसा क्यों करते हैं तो उनका उत्तर था कि 'मैं भी इंसान हूं और अपने सुख-दुख की बात साझा करना चाहता हूं।' इसलिए वे अपना हाले दिल सुनाने के लिए इन पुतलों का सहारा लेते हैं।