Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
इस्लामाबाद। जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) समेत सभी प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान ‘निर्णायक कार्रवाई’ कर सकता है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवादियों की सूची में जैश प्रमुख मसूद अजहर को शामिल करने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस भी ले सकता है। रविवार को एक खबर में यह बात कही गई।
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को पाकिस्तान में रहने वाले अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नए सिरे से प्रस्ताव रखा था। ऐसा होने से मसूद अजहर (पता नहीं जीवित है या मृत) के वैश्विक रूप से यात्रा करने पर पाबंदी लग जाएगी, उसकी संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी।
घटनाक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा कि पाकिस्तान एक बड़े नीतिगत फैसले में सभी प्रतिबंधित संगठनों और साथ ही प्रतिबंधित जैश के प्रमुख के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर सकता है।
अजहर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, इस बारे में स्थिति साफ नहीं है लेकिन अधिकारी ने संकेत दिया कि पाकिस्तान जैश प्रमुख को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस ले सकता है।
जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अब अजहर के खिलाफ सुरक्षा परिषद की कार्रवाई का और विरोध नहीं करेगा तो उन्होंने कहा, देश को फैसला लेना होगा कि व्यक्ति महत्वपूर्ण है या देश का व्यापक राष्ट्रीय हित अहम है।
सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध के बारे में निर्णय लेने वाली समिति 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त तीन स्थाई सदस्य देशों के ताजा प्रस्ताव पर 10 दिन के अंदर विचार करेगी।
अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए पिछले 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में इस तरह का यह चौथा प्रयास है। भारत ने 2009 में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए प्रस्ताव रखा था।