Publish Date: Wed, 24 Jul 2019 (07:52 IST)
Updated Date: Wed, 24 Jul 2019 (07:54 IST)
लॉस एजिल्स। मानव में हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ने का कारण हमारे पूर्वजों में 20 से 30 लाख साल पहले एक ‘जीन’ का नष्ट हो जाना रहा होगा। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधार्थियों ने कहा कि इसी जीन के नष्ट हो जाने ने संभवत: मांसाहारी मनुष्यों में इस खतरे को और बढ़ा दिया होगा।
उन्होंने बताया कि वसा जमने के कारण धमनियों का बाधित होना (एथेरोस्कलेरोसिस) दुनिया भर में हृदय रोगों से होने वाली एक तिहाई मौतों के लिए जिम्मेदार है।
इसके अलावा खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाना, शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहना, आयु, उच्च रक्तचाप, मोटापा और धूम्रपान जैसे ऐसे कई ज्ञात कारण हैं जिनकी वजह से हृदय रोग होते हैं।
हालांकि एथेरोस्कलेरोसिस के चलते पहली बार होने वाले 15 प्रतिशत हृदय रोगों के पीछे इनमें से कोई कारण जिम्मेदार नहीं होता। यह अध्ययन पीएनएएस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।