Publish Date: Mon, 18 Mar 2019 (23:44 IST)
Updated Date: Mon, 18 Mar 2019 (23:54 IST)
बीजिंग। पाकिस्तान जैसे आतंक के पनाहगार देश को सपोर्ट करने वाले चीन ने सोमवार को अचानक यू-टर्न लेकर सबको हैरान कर दिया है। चीन ने एक दुर्लभ स्वीकृति में 2008 में लश्करे तैयबा द्वारा किए गए मुंबई आतंकवादी हमले को अति कुख्यात हमलों में से एक करार दिया है।
अपने अशांत शियानजियांग प्रांत में उग्रवादियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में निकाले श्वेतपत्र में चीन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर आतंकवाद एवं उग्रवाद के फैलाव से मानवता को पीड़ा पहुंची है। इस श्वेतपत्र में मुंबई के आतंकवादी हमले को अति कुख्यात आतंकवादी हमलों में से एक बताया गया है।
'आतंकवाद एवं उग्रवाद के विरुद्ध लड़ाई तथा शियानजियांग में मानवाधिकारों का संरक्षण' शीर्षक यह पत्र ऐसे समय में निकाला गया जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन की यात्रा पर आए हुए हैं। चीन के विदेश परिषद सूचना कार्यालय द्वारा जारी किए गए इस पत्र में कहा गया कि विश्वभर में आतंकवाद एवं उग्रवाद ने शांति एवं विकास को गहरा खतरा उत्पन्न किया है तथा लोगों के जीवन एवं संपत्ति को हानि पहुंचाई है।
यह श्वेतपत्र ऐसे समय में आया है जबकि इससे पहले बुधवार को चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी करार देने के प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी। चीन के इस कदम को भारत ने निराशाजनक बताया है।
जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें सीआरपीएफ के 40 कर्मी शहीद हो गए थे। इस हमले के बात भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव में काफी बढ़ गया था। मुंबई में 26 नवंबर 2008 में लश्करे तोइबा के 10 हथियारबंद आतंकवादियों ने भीषण हमला किया था। इसमें अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोगों की जान गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए।
इनमें 9 हमलावर पुलिस के हाथों मारे गए जबकि एक अन्य आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया था। उस पर बाद में मुकदमा चला और अदालत ने उसे मृत्युदंड दिया। मुंबई आतंकवादी हमले का मुख्य षड्यंत्रकर्ता एवं जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है। अमेरिका ने सईद को पकड़वाने वाले व्यक्ति को 1 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा कर रखी है।