Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
बीजिंग। चीन को नए-नए अविष्कार करने के लिए जाना जाता है। कुछ समय पहले ही चीन ने एक ऐसे हाइवे का निर्माण किया है, जिस पर वाहनों के चलने से बिजली पैदा होगी।
चीन में इस हाइवे से हर साल 1 करोड़ किलोवॉट बिजली पैदा होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह हाइवे, सामान्य हाइवे से 10 गुना ज्यादा प्रेशर झेल सकता है। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में जमी बर्फ भी इसके जरिए पिघलाई जा सकेगी।
हाइवे से बनी इस बिजली का उपयोग इंडस्ट्रीज को संचालित करने के साथ ही अन्य कामों में किया जा सकेगा। दरअसल चीन ने दुनिया के पहले सोलर हाईवे का निर्माण किया है। एक किलोमीटर लंबाई वाला यह सोलर हाइवे बिजली उत्पादन करेगा।
अब आने वाले दिनों में चीन सरकार की योजना है कि यह हाइवे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को भी चार्ज करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाईवे को टेस्टिंग के लिए खोल दिया गया है।
चीनी मीडिया की तरफ से जारी की गई खबरों के अनुसार सोलर हाइवे को तीन परतों में तैयार किया गया है। इसमें ट्रैंसलूसंट कॉन्क्रीट, सिलिकॉन पैनल और इंसुलेशन की परत लगाई गई हैं। आने वाले समय में इसके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को भी चार्ज किया जा सकेगा।
इसके लिए हाईवे से पैदा होने वाली बिजली को चार्जिंग स्टेशन को सप्लाई किया जाएगा। एक किलोमीटर लंबाई वाले सोलर हाईवे पर 63,200 वर्ग फीट का एरिया कवर किया गया है। चीन की टोंगजी यूनिवर्सिटी के ट्रांसपोर्ट इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट झैंग होंगचाओ ने बताया कि यह सोलर हाइवे सामान्य हाइवे से 10 गुना ज्यादा प्रेशर झेल सकता है और इसके एक वर्ग मीटर के निर्माण में 458 डॉलर (करीब 30 हजार रुपए) की लागत आई है।
चीन के साथ ही इस तरह का यह दुनियाभर में पहला हाइवे है लेकिन फ्रांस और हॉलैंड भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। फिलहाल फ्रांस के एक गांव में सोलर पैनल रोड बनाई गई है। फ्रांस का दावा है कि यह अपनी तरह की पहली सोलर पैनल रोड है और यह 2016 में बनाई गई थी। इसी तरह 2014 में नीदरलैंड ने एक बाइक पाथ बनाया गया था, जिसमें सोलर पैनल्स लगे थे।