Publish Date: Tue, 23 Sep 2025 (12:58 IST)
Updated Date: Tue, 23 Sep 2025 (13:17 IST)
UFO buga sphere: बुगा स्फीयर को लेकर एक्स पर फिर से चर्चा प्रारंभ हो गई है। हालांकि यह घटना मार्च 2025 की है जबकि आसमान से एक अज्ञात वस्तु कोलंबिकया की धरती पर गिरी थी। बताया गया कि यह रहस्यमयी धातु से बना गोला है जो किसी UFO का हो सकता है क्योंकि यह किसी इंसान या ज्ञात तकनीक द्वारा नहीं बनाया गया है और यह अज्ञात उत्पत्ति, वजन और आंतरिक रेडियो फ्रीक्वेंसी के कारण चर्चा में है। ऐसा भी दावा किया जा रहा है कि कुछ प्रयोगों में देखा गया कि यह गोला संस्कृत मंत्रों पर प्रतिक्रिया करता है, जबकि अन्य भाषाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है।
बुगा स्फीयर की प्रमुख विशेषताएँ:-
1. मूल स्थान: यह वस्तु मार्च 2025 में कोलंबिया के बुगा शहर में मिली थी।
2. संरचना: यह एक ही अज्ञात धातु के टुकड़े से बना हुआ है, जिसमें कोई जोड़ या वेल्डिंग नहीं है।
3. वजन परिवर्तन: इसका प्रारंभिक वजन लगभग 2 किलोग्राम था, जो बाद में बढ़कर 11 किलोग्राम हो गया।
4. रेडियो फ्रीक्वेंसी: इसमें कोई कंपन या ध्वनि नहीं है, लेकिन रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्टर्स पर लगातार असामान्य सिग्नल मिलते हैं।
बुगा स्फीयर पर शोधकर्ताओं के दावें:-
1. उत्पत्ति: वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी ज्ञात मानव निर्मित तकनीक से नहीं बना है। यह एक उन्नत सभ्यता, संभवतः बाह्य अंतरिक्ष से आए जीवों (एलियंस) का हो सकता है।
2. संस्कृत से संबंध: कुछ प्रयोगों में यह दावा किया गया है कि यह गोला संस्कृत मंत्रों (जैसे 'ॐ नमः शिवाय' और भगवत गीता के श्लोक) पर प्रतिक्रिया देता है। मंत्रों के उच्चारण से इसमें हलचल होती है और रेडियो सिग्नल बढ़ जाते हैं, जबकि अन्य भाषाओं पर कोई प्रभाव नहीं होता। हालाँकि, इस दावे को लेकर संदेह भी व्यक्त किया गया है।
3. भौतिकी: कुछ शोधपत्रों में इसके व्यवहार को समझने के लिए टोपो-टेम्पोरल भौतिकी का उपयोग किया गया है, जो बताता है कि इसका व्यवहार सामान्य भौतिकी के नियमों से अलग है।
4. प्राचीन सिद्धांत: एक संभावित सिद्धांत के अनुसार, बुगा स्फीयर एक "प्राचीन अंतरिक्ष यात्री सिद्धांत" (ancient astronaut theory) से जुड़ा हो सकता है और इसमें मानवता के लिए कोई चेतावनी या संदेश छिपा हो सकता है।इस पर प्राचीन सभ्यता के कुछ चिन्ह भी अंकित होने का दावा किया जा रहा है।
यह है एक अफवाह? हालांकि यह एक महीनों पुरानी खबर है। उस वक्त कई लोगों का मानना था कि यह एक अफवाह या महज अटकलें हैं। ऐसी किसी भी वस्तु के होने या उसके संस्कृत भाषा पर प्रतिक्रिया करने के कोई सबूत नहीं है। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही एक अफवाह मात्र है। सोशल मीडिया में भी इस ऑबजेक्ट के उड़ने का वीडियो वायरल हुआ था। यह बिजली के तार से टकराया और कोलंबिया के एक खेत में गिर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि तब यह छूने पर ठंडा था। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जोस लुइस वेलास्केज़ के अनुसार, गोले में कोई वेल्ड या जोड़ नहीं है, जो आमतौर पर यह संकेत देता है कि इसे मनुष्यों द्वारा बनाया गया था।
वहीं मैक्सिको में वैज्ञानिकों के एक दल ने इस बुगा स्फीयर नाम के अज्ञात गोले का सूक्ष्म स्कैन किया और पाया कि इसमें फाइबर ऑप्टिक तारों का जाल था. इससे पता चलता है कि ये संकेत भेज और प्राप्त कर सकता था। यह जिस खेत में गिरा, वहां किसी तरह से पानी की कमी हो गई. इस वजह से वहां की सारी घास और मिट्टी नष्ट हो गई।
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