Hanuman Chalisa

क्‍यों बिगड़ रहे इंदौर के ‘पंच तत्‍व’, भविष्‍य में कितना खतरनाक होगा हवा, पानी और पृथ्‍वी का ये असंतुलन?

(5 जून पर्यावरण दिवस के मौके पर विशेष)

नवीन रांगियाल
इंसान के जीवन के लिए पांच तत्‍वों का होना जरूरी है, तभी वो सांस ले पाएगा। हमारे दर्शन में इन पांच तत्‍वों का जिक्र है और विज्ञान भी इस पांच तत्‍वों पर ही टिका है। ये पांच तत्‍व हैं वायू, जल, आकाश, पृथ्‍वी और आग। मनुष्‍य के जीवन का आधार यही पांच तत्‍व हैं। इनके बगैर न तो कोई इंसान जीवित रह सकता है और न ही कोई शहर। भले ही इंदौर सबसे स्‍वच्‍छ शहर है, लेकिन इंदौर के ये पांचों ही तत्‍व बिगड़ रहे हैं। यहां पानी दूषित है, हवा जहरीली होकर आकाश का रंग बदलती जा रही है, पृथ्‍वी में भूजल स्‍तर गिरता जा रहा है, जिससे हर साल भयंकर जल संकट आता जा रहा है। विकास के नाम पर लगातार पेड़ों की बलि एक अलग त्रासदी बनती जा रही है। जानते है 5 जनू को पर्यावरण दिवस के मौके पर कि किस तरह से से इंदौर के ये पंचमहाभूत बिगड़ते जा रहे हैं। पंचमहाभूत एक जगह एकत्र होकर सुना रहे हैं इंदौर की हवा खराब होने की कहानी।

पांच तत्वों का विलाप और इंदौर की चेतावनी : इंदौर के राजवाड़ा के सामने देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा शांत खड़ी थी, लेकिन आज उनकी आंखों में एक गहरी चिंता थी। रात के सन्नाटे में, जब शहर की शोरगुल थमी, तो राजवाड़ा के प्रांगण में पांच अदृश्य शक्तियां इकट्ठा हुईं। ये थे ब्रह्मांड को रचने वाले पंचमहाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। आज वे इंदौर की हालत पर चर्चा करने के लिए एकजुट हुए थे।

1. वायु (प्रदूषित हवा)
सबसे पहले 'वायु' ने एक भारी सांस ली। उसकी आवाज़ में घुटन थी। उसने कहा, इंदौर ने स्वच्छता में छक्का लगाया, सड़कों को चमकाया, लेकिन मेरी तरफ किसी ने ध्‍यान ही नहीं दिया। वाहनों का धुआं, लगातार बढते वाहन, धूल के कण और फैक्ट्रियों के धुएं से निकलते जहर ने मेरी शुद्धता को छीन लिया है। इंदौर के लोग अब खुलकर सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। मेरा दम घुट रहा है।

2. जल (खराब और प्रदूषित पानी)
तभी पास के सूखे और गंदे नाले से 'जल' की कराहने की आवाज़ आई। जल ने कहा, "मेरा वजूद ही संकट में है। कभी खान और सरस्वती नदियां इंदौर की जीवनरेखा हुआ करती थीं, आज वे नाले में बदल चुकी हैं। भूजल का स्तर इतना गिर चुका है कि लोग पाताल तक खुदाई कर रहे हैं, फिर भी उन्हें जो मिल रहा है, वह प्रदूषित और रसायनों से भरा पानी है। इंदौर प्यासा भी है और बीमार भी।"

3. पृथ्वी (खोखली जमीन और कटते पेड़)
'पृथ्वी' ने गहरे दर्द के साथ अपनी बात रखी। वह बुरी तरह कांप रही थी। "मेट्रो, कंक्रीट के जंगलों और चौड़ी सड़कों के नाम पर मेरे सीने से हजारों हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया। पेड़ मेरी जड़ें थे, जो मुझे थाम कर रखते थे। अब इंदौर की जमीन भीतर से खोखली हो चुकी है। न तो इसमें पानी सोखने की क्षमता बची है और न ही हरियाली को पालने की।"

4. अग्नि (भीषण गर्मी और लगातार लगती आग)
'अग्निदेव' ने अपनी प्रचंडता दिखाते हुए कहा, "जब पृथ्वी पर पेड़ नहीं बचे और कंक्रीट का जाल बिछ गया, तो मेरा तापमान बढ़ना ही था। इस बार इंदौर ने भीषण गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। कंक्रीट के ढांचे दिनभर मेरी गर्मी को सोखते हैं और रात को उसे उगलते हैं (अर्बन हीट आइलैंड)। यही कारण है कि शहर के तापमान में इतनी बढ़ोतरी हुई है। और तो और, इंसानी लापरवाही के कारण शहर के व्यावसायिक इलाकों और कबाड़खानों में लगातार लग रही आग मेरी इसी विकरालता का नतीजा है।"

5. आकाश (धुंधला और तंग होता आसमान)
अंत में 'आकाशतत्व' ने ऊपर से निहारते हुए कहा, "ऊंची-ऊंची इमारतों और प्रदूषण के घने कोहरे ने मेरे फैलाव को समेट दिया है। इंदौर का आसमान अब नीला और साफ नहीं दिखता, बल्कि उस पर प्रदूषण की एक काली चादर हमेशा तनी रहती है।"

पांचों तत्वों ने एक साथ माता अहिल्या की प्रतिमा की ओर देखा। उनकी विलाप भरी बातें हवा में गूंज रही थीं—"यदि इंदौर के नागरिकों ने पर्यावरण दिवस पर सिर्फ दिखावे के पौधे लगाने के बजाय सच में हमें नहीं बचाया, तो यह मिनी मुंबई जल्द ही एक निर्जन कंक्रीट का ढेर बन जाएगा।"

इंदौर के लिए कितनी खतरनाक है यह स्थिति?

पंचमहाभूतों का यह असंतुलन इंदौर के भविष्य के लिए एक बड़ी रेड अलार्म है।
स्वास्थ्य का आपातकाल (Health Emergency): वायु और जल प्रदूषण के कारण इंदौर में सांस की बीमारियां, फेफड़ों के रोग और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह शहर रहने लायक नहीं बचेगा। एलर्जी और दमे के मरीजों में इजाफा हुआ है सो अलग।

जल संकट (Water Crisis): जमीन खोखली होने और वाटर रिचार्ज न होने से आने वाले कुछ वर्षों में इंदौर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसकी बानगी इसी साल देखने को मिली है। पिछले दो तीन साल से जल का संकट गहराता जा रहा है। टैंकर माफिया और पानी के लिए विवाद आम हो रहे हैं। इस साल भी लोग बूंद-बूंद को तरसे। सत्‍ता और विपक्ष पानी को लेकर आमने-सामने हैं।

अर्बन हीट आइलैंड का खतरा: पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण इंदौर का तापमान मालवा की प्रसिद्ध "शब-ए-मालवा" (ठंडी रातों) को खत्म कर रहा है। रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ेगी और हीट स्ट्रोक से मौतें हो सकती हैं। कई पेड़ काट दिए गए हैं, रीगल पर स्‍थित रानी सराय के सैकड़ों पेड़ों  को मेट्रो के लिए काटने की अनुमति दे दी है। इसके बाद इंदौर के कंक्रीट एरिया में और ज्‍यादा इजाफा हो जाएगा।

आर्थिक नुकसान: इस बिगड़ते पांच तत्‍वों की वजह से लगातार शहर में आग और पर्यावरण असंतुलन के कारण निवेश प्रभावित हो सकता है। कोई भी बड़ी कंपनी या रहने वाले ऐसे शहर की ओर रुख नहीं करेंगे, जहां बुनियादी प्राकृतिक संसाधन (हवा-पानी) ही दूषित हों।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

प्रणीत मोरे के स्टैंडअप शो में विवादित टिप्पणी पर घिरी MBBS छात्रा, जारी किया वीडियो, लिखित माफी भी मांगी, KEM अस्पताल की जांच, CM फडणवीस की चेतावनी, क्या था पूरा मामला

Electric Scooters : भारत के 10 सबसे शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, दमदार रेंज, स्मार्ट फीचर्स और किफायती कीमत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन

ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप, भाषण में की थी यह टिप्पणी

Best Electric cars : भारत की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, घर पर चार्ज करने में कितना खर्च, BaaS और फुल ओनरशिप में क्या अंतर? मानसून में EV कितनी सुरक्षित

जब क्रश ने कहा 'I Love You'... तब शुरू हुआ असली डर! Romance, Horror, Mystery और Jump Scares का खतरनाक कॉम्बो : Obsession Review

सभी देखें

नवीनतम

भारतीय जहाजों पर हमला बर्दाश्त नहीं, ट्रंप ने ईरान पर फोड़ा ठीकरा

Meta Global Outage : फेसबुक और इंस्टाग्राम ठप, दुनियाभर के यूजर्स परेशान

योगी सरकार की पहल से वृद्धाश्रम बना आत्मनिर्भरता का केंद्र

हर शहर और गांव को ग्रीन मोबिलिटी इलेक्ट्रिक सेवा से जोड़ेंगे : योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार की हरित पहल, यूपी की सड़कों पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

अगला लेख