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अंधेरे में पाठशाला, लाइट मांगी तो प्राचार्य से मिली नाम काटने की धमकियां, थक- हार कर कलेक्‍ट्रेट पहुंचे छात्र- छात्राएं

मामला सीएम राइज स्‍कूल का, सुविधाओं के अभाव में कैसे पढ़ेगी और बढ़ेगी बेटियां?

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CM Rise School
Indore News: प्रदेश में बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओं का नारा देने में तो शासन कोई मौका नहीं छोड़ता, लेकिन जब स्‍कूलों में सुविधाएं और साधन मुहैया कराने की बात आती है तो किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। स्‍कूल में छात्रों के प्रति लापरवाही का ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

मामला इंदौर के नंदानगर में स्‍थित सीएम राइज स्‍कूल का है। यहां के कक्षा 12वीं के छात्र और छात्राएं पिछले कई महीनों से अंधेरे में पढाई कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से कक्षाओं में बिजली नहीं है और छात्र-छात्राएं अंधेरे में ही अपनी आंखें फोड़ रहे हैं। छात्राओं का आरोप है कि कक्षाओं में न तो बिजली है और न ही पंखे चल रहे हैं। जब इसकी शिकायत की तो प्राचार्य की तरफ से उन्‍हें धमकियां मिल रही हैं।

थक-हार कर कलेक्‍ट्रेट पहुंची छात्राएं : शुक्रवार को कलेक्‍ट्रेट कार्यालय में अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे सीएम राइज स्‍कूल के छात्र-छात्राओं ने बताया कि वे पिछले लंबे समय से बिजली और पंखें नहीं चलने से परेशान हैं। उन्‍हें इसकी वजह से पढ़ाई में दिक्‍कतें हो रही हैं, गर्मी लगती है, कक्षाओं में अंधेरा पसरा रहता है। आवेदन लेकर छात्र कलेक्‍टर शिवम वर्मा से मिलने पहुंचे। इसी दौरान उन्‍होंने अपनी शिकायतें और पीड़ा बताई।

सीएम हेल्‍पलाइन में शिकायत की तो मिली धमकी : छात्रों ने बताया कि कई बार प्राचार्य मुग्‍धा पंडित को परेशानियों के बारे में बताया, लेकिन कुछ नहीं हो सका। थक-हारकर छात्रों ने सीएम हेल्‍पलाइन में शिकायत की तो उन्‍हें स्‍कूल से नाम काटे दिए जाने और अन्‍य अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करने की धमकियां दी जा रही हैं।

प्राचार्य बोलीं स्‍कूल के पास राशि नहीं : छात्रों ने बताया कि जब वे इन सुविधाओं की मांग के साथ प्राचार्य के पास गए तो उन्‍हें कहा गया कि इन सब कामों के लिए स्‍कूल के पास राशि नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं का कहना है कि शाला विकास के नाम पर प्रति छात्र से 300 रुपए लिए गए हैं, जिसकी रसीद भी उनके पास है, ऐसे में कैसे हो सकता है कि बैसिक सुविधाओं के लिए भी स्‍कूल के पास बजट नहीं है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सुविधाओं की मांग करने पर उन्‍हें प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्‍होंने शासन से छात्रों की परेशानी को हल करने की गुहार लगाई।रिपोर्ट और फोटो : नवीन रांगियाल

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