Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 (14:55 IST)
Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 (15:34 IST)
इंदौर ने अपनी आधुनिकता के साथ अपनी परंपराओं और संस्कृति को भी संजोकर रखा है। ऐसी ही इंदौर की एक पहचान है रंगपंचमी पर निकलने वाली गैर। शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों से लोग लंबे समय से इस गेर का इंतजार करते हैं। इस साल भी गैर में लोगों ने खूब रंग उड़ाया।
हालांकि भाजपा के कई नेताओं और मंत्रियों ने इस बार गैर से दूरी बनाई। रविवार को सुबह 11 बजे से गेर की शुरुआत हुई, लेकिन राजवाड़ा पर लोग इससे काफी पहले ही जुटने लगे थे। यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया।
अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फुट तक हवा में उछाला जाता है। पुलिस और प्रशासन ने भी गैर में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त बंदोबस्त किए थे। Edited by : Sudhir Sharma