Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 (13:43 IST)
Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 (13:47 IST)
इंदौर में मानसून कई तरह के संक्रमण भी लेकर आ रहा है। शहर में पिछले कुछ दिनों से उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही वायरल, डेंगू और मलेरिया भी फैल रहा है।
बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हर दिन 40 से 50 मरीज किडनी संक्रमण और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। दूषित पानी, दस्त और डिहाइड्रेशन के कारण शहर के अन्य अस्पतालों में भी किडनी इन्फेक्शन के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक दूषित पानी के सेवन से शरीर में संक्रमण, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन हो रहा है। इसकी वजह से शहर के जलस्त्रोतों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अभी भी शहर के कई हिस्सों में लगातार गंदा पानी आ रहा है। लोग पानी उबालकर या फिर उसमें दवाइयां डालकर पीने में उपयोग कर रहे हैं।
किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवशंकर वर्मा के अनुसार इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 40 से 50 मरीज किडनी संक्रमण और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर मरीज पहले यूरिन इन्फेक्शन, उल्टी या दस्त से पीड़ित रहे हैं। समय पर सही इलाज न मिलने और बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से मनमर्जी से दवाइयां लेने के कारण लोग खुद ही किडनी की गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। साधारण इन्फेक्शन को सही इलाज न मिलने के कारण मरीज गंभीर बना लेते हैं, जिससे यह संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है।
कई दिनों से आ रहा गंदा पानी : स्कीम नंबर 54 में रहने वाले नवीन बत्रा ने बताया कि हमारे यहां नलों में रोज गंदा पानी आ रहा है। कई बार नगर निगम के एप 311 और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद सुधार नहीं हो रहा है। नवीन ने बताया कि बारिश में पहले ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और इस समय नगर निगम की लापरवाही जनता पर भारी पड़ सकती है।
कई कॉलोनियों में आ रहा गंदा पानी : बता दें कि इंदौर में अब भी गंदे पानी की समस्या हल नहीं हो सकी है। अब भी कई कॉलोनियों में दूषित पानी सप्लाय हो रहा है। बारिश की वजह से ये दिक्कत ज्यादा बढ गई है। स्कीम नंबर 78, गौरी नगर, लसुडिया, विजयनगर, नगीन नगर, भमोरी आदि इलाकों में कई गलियों में नलों से मटमेला पानी आ रहा है। लोग एप पर इसकी शिकायत भी कर रहे हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।